केरल के तिरुवनंतपुरम में स्वास्थ्य विभाग ने 'ऑपरेशन सौंदर्य' के तहत ₹9.64 लाख मूल्य के नकली कॉस्मेटिक्स जब्त किए हैं। जांच में पाया गया कि कुछ लोकप्रिय फेस क्रीमों में पारा (Mercury) की मात्रा निर्धारित सीमा से हजारों गुना अधिक है।

मुख्य बातें

  • 'ऑपरेशन सौंदर्य' के तहत ₹9.64 लाख के नकली सौंदर्य प्रसाधन जब्त किए गए।
  • 'Faiza' और 'Goree' जैसी क्रीमों में पारे का स्तर खतरनाक रूप से अधिक पाया गया।
  • जांच में पाया गया कि पारे की मात्रा 1 ppm की सीमा के मुकाबले 20,000 ppm तक थी।
  • बिना लाइसेंस वाले और बिना बिल के बिकने वाले उत्पादों पर नकेल कसी गई।

केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने बुधवार को घोषणा की कि ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने तिरुवनंतपुरम में बड़े पैमाने पर नकली सौंदर्य प्रसाधनों के खिलाफ कार्रवाई की है। विभाग ने 'ऑपरेशन सौंदर्य' के माध्यम से कुल ₹9.64 लाख मूल्य के उत्पाद जब्त किए हैं, जो कॉस्मेटिक्स नियमों, 2020 का उल्लंघन कर रहे थे।

जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब प्रयोगशाला परीक्षणों में कुछ फेस क्रीमों में पारे (Mercury) की अत्यधिक मात्रा पाई गई। कानूनी रूप से पारे की अनुमति योग्य सीमा केवल 1 ppm (parts per million) है, लेकिन 'Faiza' और 'Goree' जैसी ब्रांडेड क्रीमों में यह स्तर 20,000 ppm तक पाया गया। ये उत्पाद अक्सर बिना किसी वैध खरीद बिल के बाजार में उपलब्ध होते हैं।

क्यों यह महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सौंदर्य प्रसाधनों में पारे की इतनी अधिक मात्रा त्वचा के लिए घातक हो सकती है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं और स्थायी नुकसान हो सकता है। विशेष रूप से बच्चों और किशोरों में बढ़ते सौंदर्य प्रसाधनों के उपयोग को देखते हुए, यह कार्रवाई सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

नकली सौंदर्य प्रसाधनों में पारे का अत्यधिक स्तर न केवल त्वचा को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि यह शरीर के आंतरिक अंगों के लिए भी विषाक्त हो सकता है।

ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने इस अभियान को चार चरणों में पूरा किया है। पहले चरण में ₹5.09 लाख, दूसरे में ₹2.50 लाख, तीसरे में ₹1.5 लाख और अंतिम चरण में ₹55,000 के उत्पाद जब्त किए गए। इस अभियान में लिपस्टिक, बेबी पाउडर, तेल और साबुन जैसे उत्पादों की भी गहन गुणवत्ता जांच की गई।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत में सौंदर्य प्रसाधनों के नियमन के लिए कॉस्मेटिक्स नियम, 2020 लागू किए गए थे, जिसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को असुरक्षित और मिलावटी उत्पादों से बचाना है। हाल के वर्षों में, ऑनलाइन और अनधिकृत बाजारों के माध्यम से नकली ब्यूटी प्रोडक्ट्स की बिक्री में वृद्धि देखी गई है, जिसके कारण स्वास्थ्य विभाग अब अधिक सक्रिय हो गया है।

क्या आप जानते हैं?: पारे की अत्यधिक मात्रा त्वचा के माध्यम से रक्तप्रवाह में प्रवेश कर सकती है, जिससे तंत्रिका तंत्र (Nervous System) को गंभीर नुकसान हो सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. पारे की सुरक्षित सीमा क्या है?
कानूनी रूप से कॉस्मेटिक्स में पारे की सीमा केवल 1 ppm (parts per million) होनी चाहिए।

2. 'ऑपरेशन सौंदर्य' क्या है?
यह ड्रग्स कंट्रोल विभाग द्वारा बाजार से नकली और असुरक्षित सौंदर्य प्रसाधनों को हटाने के लिए चलाया गया एक विशेष अभियान है।