चेन्नई में एक दंपति ने एक सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल को प्लेस्कूल शुरू करने के नाम पर ₹8.53 लाख और भारी मात्रा में सोने के गहने ठग लिए। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

मुख्य बातें

  • एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को प्लेस्कूल निवेश के नाम पर ठगा गया।
  • पीड़िता से ₹8.53 लाख और 38 तोले सोने के गहने लिए गए।
  • चेन्नई की सेंट थॉमस माउंट पुलिस ने आरोपी दंपति को गिरफ्तार किया।

चेन्नई के अडम्बक्कम इलाके में एक सनसनीखेज धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जहाँ एक 31 वर्षीय सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल को उनके परिचितों ने अपना शिकार बनाया। आरोपी दंपति ने एक प्लेस्कूल शुरू करने के लिए निवेश की आवश्यकता का बहाना बनाकर पीड़िता से भारी रकम और कीमती आभूषण हड़प लिए।

धोखाधड़ी की साजिश और दोस्ती का जाल

पुलिस जांच के अनुसार, पीड़िता दिव्या (नाम परिवर्तित), जो अडम्बक्कम की न्यू एनजीओ कॉलोनी में रहती है, पिछले साल अलैंडूर के एक न्यूट्रिशन सेंटर में इलाज के दौरान करपकम नाम की महिला से मिली थी। दोनों के बीच दोस्ती हो गई, जिसका फायदा उठाते हुए करपकम और उसके पति सतीश कुमार ने दिव्या को विश्वास में लिया। जुलाई 2025 में, दंपति ने दिव्या को बताया कि वे अलैंडूर में एक प्लेस्कूल खोलना चाहते हैं और उन्हें तत्काल धन की आवश्यकता है।

बोसौकमीडिया विश्लेषण: कैसे काम करता है यह जाल

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि अपराधी अक्सर 'विश्वास' और 'साझा अनुभवों' (जैसे स्वास्थ्य केंद्र में मिलना) का उपयोग करके लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। इस मामले में, दंपति ने केवल तीन महीने में पैसा लौटाने का वादा किया था, जिससे दिव्या ने उन पर भरोसा कर लिया।

दिव्या ने कई बैंक लेनदेन और क्रेडिट कार्ड भुगतानों के माध्यम से कुल ₹8.53 लाख स्थानांतरित किए। इसके साथ ही, उसने दंपति को लगभग 38 तोले सोने के गहने भी सौंप दिए। जब दिव्या की शादी तय हुई और उसने अपना पैसा और गहने वापस मांगे, तो दंपति ने केवल 20 तोले सोना वापस किया और बाकी राशि व गहने हड़प लिए।

अपराधियों द्वारा 'निवेश के अवसर' के नाम पर व्यक्तिगत संबंधों का दुरुपयोग करना आजकल की एक गंभीर प्रवृत्ति बन गई है।

कानूनी कार्रवाई और पुलिस की सफलता

जब दंपति ने दिव्या का पीछा करना बंद कर दिया और संपर्क तोड़ लिया, तो उसने सेंट थॉमस माउंट पुलिस की क्राइम विंग में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करपकम (38) और सतीश कुमार (41) को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उनके पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

क्या आप जानते हैं?: वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में, अपराधी अक्सर 'इमरजेंसी' या 'व्यावसायिक अवसर' का सहारा लेते हैं ताकि पीड़ित बिना सोचे-समझे पैसा दे दे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. आरोपियों ने पैसा वापस करने का क्या वादा किया था?
दंपति ने दावा किया था कि वे निवेश के लिए लिए गए पैसे को तीन महीने के भीतर लौटा देंगे।

2. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की है?
सेंट थॉमस माउंट पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच कर रही है।