द हिन्दू की मारगज़ी संगीत प्रतियोगिता 2025 के परिणाम घोषित हुए। 1,063 वीडियो प्रविष्टियों में से 139 को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया, जिसमें 43 प्रथम, 43 द्वितीय और 27 तृतीय पुरस्कार शामिल हैं।
द हिन्दू ने 9 जुलाई 2026 को अपनी वार्षिक मारगज़ी संगीत प्रतियोगिता 2025 के विजेताओं की सूची प्रकाशित की। यह प्रतियोगिता दक्षिण भारत के सांस्कृतिक कैलेंडर में मारगज़ी (दिसंबर‑जनवरी) के दौरान आयोजित की जाती है और हिन्दुस्तानी एवं कर्नाटकी शैलियों के युवा संगीतकारों को एक मंच प्रदान करती है। इस वर्ष कुल 1,063 वीडियो प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं, जिनमें शास्त्रीय गायन, वाद्य और रचना के विविध रूप शामिल थे।
प्रतियोगिता का विस्तार और पुरस्कार वितरण
जज पैनल ने मार्च 2026 में सभी प्रविष्टियों को व्यवस्थित करके मूल्यांकन किया। प्रत्येक प्रस्तुति में राग, कृति और ताल की शुद्धता, साथ ही संगीतकार की अभिव्यक्ति क्षमता का परीक्षण किया गया। अंततः 139 प्रविष्टियों को सम्मानित किया गया, जिसमें 43 प्रथम, 43 द्वितीय और 27 तृतीय पुरस्कार शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को विशेष उल्लेख प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए।
न्यायाधीशों की राय
वायलिन विदुषी एवं संगीतकार एल.एन. सिस्टर्स – एम. लालीथा और एम. नंदिनी ने कहा, “पिछले वर्षों में हम अधिक समर्पित छात्रों को देख रहे हैं, जो न केवल तकनीकी रूप से निपुण हैं बल्कि सिद्धांत में भी गहरी समझ रखते हैं। यह मंच युवा प्रतिभाओं को अपने हुनर को प्रदर्शित करने और द हिन्दू से मान्यता प्राप्त करने का अनूठा अवसर देता है।”
वोकलिस्ट वरलक्ष्मी आनंदकुमार, दिवंगत विद्वान डी.के. जयारामन की वरिष्ठ शिष्य, ने कहा, “मारगज़ी प्रतियोगिता में भाग लेना मेरे लिये सम्मान की बात है। हम अक्सर किशोर आयु वर्ग के प्रतिभागियों को ध्यानी या थोडी जैसे जटिल राग में गहरी समझ के साथ सुनते हैं, जो कई वर्षों की मेहनत का परिणाम है।”
हिंदुस्तानी गुरु ललिता शर्मा, पंडित जसराज की शिष्य, ने उल्लेख किया, “प्रत्येक वर्ष अधिक गायक एवं वाद्यकार भाग ले रहे हैं, और उनमें से एक‑तीहाई प्रतिभागी संगीत की ठोस नींव रखते हैं। यह युवा वर्ग के लिए अत्यधिक आशाजनक संकेत है।”
नए जज और भविष्य की दिशा
इस बार दो नए जज शामिल हुए: श्रीधरन शंकरन (मृदंग विद्वान) और कर्नाटकी वोकलिस्ट सजीव चंद्रमाणा। उन्होंने प्रविष्टियों का आनंद लेते हुए कहा कि बच्चों ने धैर्यपूर्वक सीख कर अपनी प्रस्तुतियों को तैयार किया, जो संगीत शिक्षा के सतत विकास का प्रमाण है।
द हिन्दू की इस पहल ने न केवल संगीत के शुद्ध मूल्यों को प्रोत्साहित किया है, बल्कि युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विजेताओं की पूरी सूची newsth.live/winnerslist पर उपलब्ध है।