फेनिक्स फ्लेक्सिन का गर्मियों का हिट ‘रब्बरज़’ बिलबोर्ड चार्ट में है, पर एक स्वतंत्र प्रोड्यूसर ने कहा कि यह ट्रैक कम ज्ञात AI ऐप Treblo से बनाया गया है। अब उसी ऐप का डिटेक्टर दोनों फेनिक्स और टाइगा के गानों को AI‑जनित मान रहा है, जिससे बहस फिर से गरम।
मुख्य बिंदु
- ‘रब्बरज़’ बिलबोर्ड हॉट 100 में #58 पर पहुंचा।
- प्रोड्यूसर Medasin ने दावा किया कि ट्रैक AI ऐप Treblo से बनाया गया।
- Treblo का नया डिटेक्टर Flexin और Tyga दोनों के गानों को AI‑जनित चिह्नित करता है।
पृष्ठभूमि
फेनिक्स फ्लेक्सिन ने जून में ‘रब्बरज़’ जारी किया, जो 80 के दशक की सिंथ‑पॉप ध्वनि को रैप लिरिक्स के साथ मिलाता है। रिलीज़ के बाद यह बिलबोर्ड हॉट 100 में #58 पर आया और यूट्यूब पर 7 मिलियन से अधिक दृश्य प्राप्त हुए।
हालांकि, गाने की आवाज़ और शैली में अचानक बदलाव ने फैंस को संदेह में डाल दिया। फेनिक्स की पहचानी जाने वाली नासिकीय आवाज़ की जगह एक चमकीली, साफ‑सुथरी टोन सुनाई देती है, जिससे कई लोग AI उपयोग का अनुमान लगाने लगे।
स्वतंत्र प्रोड्यूसर Medasin ने एक वीडियो में बताया कि उन्होंने ‘रब्बरज़’ को AI ऐप Treblo (पहले Sonauto) से बनाया गया पाया। उन्होंने दिखाया कि ऐप में ‘80s synthwave’ टैग और ‘rapper lifestyle’ प्रॉम्प्ट से उत्पन्न गीत के बोल ‘Rubberz’ के साथ कई समानताएँ रखते हैं।
वहीं, फेनिक्स ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि वह सभी ट्रैक को अपने हाथ से रिकॉर्ड करता है, केवल ऑटो‑ट्यून और रीवरब का उपयोग करता है। लेकिन Treblo का नया बिल्ट‑इन डिटेक्टर अब दोनों कलाकारों के नए गानों को संभावित AI‑जनित के रूप में फ़्लैग कर रहा है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि AI‑संगीत उत्पादन की पारदर्शिता अब एक उद्योग‑व्यापी मुद्दा बन गया है। जब ऐप्स स्वयं अपने निर्मित सामग्री को पहचानते हैं, तो कलाकारों, लेबल्स और स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म के बीच अधिकार‑संबंध और कॉपीराइट विवाद जटिल हो सकते हैं।
“यदि कलाकार AI का उपयोग नहीं बता रहे हैं, तो यह भविष्य में संगीत लाइसेंसिंग को उलझा सकता है,” संगीत अधिकार विशेषज्ञ डॉ. रिया सिंह ने कहा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- क्या ‘रब्बरज़’ पूरी तरह से AI से बना है? – वर्तमान में कोई निर्णायक सबूत नहीं है, लेकिन ऐप का डिटेक्टर इसे AI‑जनित मानता है।
- क्या अन्य कलाकार भी Treblo का उपयोग कर रहे हैं? – Tyga सहित कई कलाकारों के गाने भी समान डिटेक्शन को ट्रिगर कर रहे हैं।