बिहार सार्वजनिक सेवा आयोग ने 26 जुलाई 2026 को 12:00 से 14:00 बजे तक 72वीं संयुक्त (पूर्व) परीक्षा के आयोजन की घोषणा की है। उम्मीदवारों को केंद्र‑विस्तृत जानकारी और प्रवेश कार्ड जल्द ही वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • 72वीं संयुक्त परीक्षा 26 जुलाई 2026 को 12:00–14:00 बजे तक आयोजित होगी।
  • परिक्षा के केंद्र बिहार के 37 जिलों में फैले हुए 911 स्थानों पर होंगे।
  • उम्मीदवारों को प्रवेश कार्ड और केंद्र विवरण आधिकारिक वेबसाइट पर जल्द ही मिलेंगे।

बिहार सार्वजनिक सेवा आयोग (BPSC) ने आज एक आधिकारिक नोटिस जारी किया, जिसमें 72वीं संयुक्त (पूर्व) प्रतियोगी परीक्षा की तिथि, समय और केंद्रों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। यह परीक्षा 26 जुलाई 2026 को सुबह 12:00 बजे से दोपहर 14:00 बजे तक आयोजित की जाएगी, जो कि बिहार के 37 जिलों में 911 केंद्रों पर उपलब्ध होगी।

परीक्षा का ऐतिहासिक महत्व

इस वर्ष के पूर्व परीक्षा का प्रबंधन पिछले वर्ष के 70वें और 71वें संस्करणों के अनुभव पर आधारित है, जिसमें 2024 में 4.83 लाख आवेदकों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। 2024 के पूर्व परीक्षा में 3,28,990 उम्मीदवारों ने भाग लिया था। BPSC ने अपनी कार्यप्रणाली को लगातार परिष्कृत किया है, जिससे उम्मीदवारों को एक पारदर्शी और सुलभ चयन प्रक्रिया मिलती है।

उम्मीदवारों के लिए व्यावहारिक जानकारी

परीक्षा के केंद्रों, पंजीकरण शुल्क, और प्रवेश कार्ड जारी करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी BPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जल्द ही उपलब्ध कराई जाएगी। उम्मीदवारों को सुझाव दिया जाता है कि वे वेबसाइट पर नियमित रूप से लॉगिन करके नवीनतम अपडेट्स और केंद्र‑विस्तृत मानचित्र देखें। इसके अतिरिक्त, पंजीकृत उम्मीदवारों को परीक्षा के दिन 12:00 बजे से पहले अपने केंद्र पर पहुँचने की सलाह दी जाती है।

महिलाओं की बढ़ती भागीदारी

हाल ही में 70वें संयुक्त परीक्षा में 45 महिलाएँ शीर्ष 100 में शामिल हुई थीं, जो कि महिलाओं के लिए एक प्रेरणादायक संकेत है। इस वर्ष के पूर्व परीक्षा में भी महिलाओं की सक्रिय भागीदारी की उम्मीद है, जिससे बिहार में लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा।

भविष्य की दिशा और अपेक्षाएँ

BPSC की यह पहल बिहार के सार्वजनिक सेवा क्षेत्र में पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम है। उम्मीदवारों के लिए यह एक सुव्यवस्थित परीक्षा प्रक्रिया का आश्वासन देता है, जबकि आयोग के लिए यह एक सुव्यवस्थित चयन प्रक्रिया को सुनिश्चित करने का अवसर है। आने वाले दिनों में परीक्षा के दौरान आने वाली किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए आयोग ने पहले से ही एक आपातकालीन प्रोटोकॉल तैयार रखा है।