केंद्र सरकार ने NEET PG 2026 के लिए नए और क्रांतिकारी नियमों की घोषणा की है, जिसमें परीक्षा केंद्रों का आवंटन, प्रश्न पैटर्न और सुरक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार शामिल हैं। अब छात्रों को घर के पास केंद्र मिलने और हर सवाल के लिए अधिक समय मिलने की सुविधा मिलेगी।
मुख्य बातें
- NEET PG 2026 की परीक्षा अब केवल एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएगी।
- उम्मीदवारों को अब अपने पसंदीदा राज्यों के आधार पर नजदीकी परीक्षा केंद्र चुनने की सुविधा मिलेगी।
- प्रश्न पैटर्न बदला गया है: अब 180 प्रश्न होंगे, जिससे प्रत्येक प्रश्न के लिए अधिक समय मिलेगा।
- सुरक्षा के लिए आधार सत्यापन, बायोमेट्रिक्स और लाइव निगरानी का कड़ा उपयोग होगा।
नई दिल्ली: आगामी NEET PG 2026 परीक्षा के लिए केंद्र सरकार ने उम्मीदवारों के तनाव को कम करने और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से व्यापक सुधारों की घोषणा की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि इस बार का फोकस तकनीक और सुविधा पर होगा। इस वर्ष परीक्षा के लिए रिकॉर्ड 2,73,183 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.5% की वृद्धि दर्शाता है।
परीक्षा केंद्र और शहर आवंटन में सुधार
सबसे महत्वपूर्ण बदलाव परीक्षा केंद्र चुनने की प्रक्रिया में किया गया है। अब तक 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर केंद्र मिलते थे, जिससे कई छात्रों को दूर-दराज के शहरों में जाना पड़ता था। नई व्यवस्था के तहत, उम्मीदवार तीन पसंदीदा राज्यों का चयन कर सकेंगे, जिसमें अपने गृह राज्य को पहली प्राथमिकता देना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, परीक्षा शहर की जानकारी परीक्षा से तीन सप्ताह पहले ही दे दी जाएगी, ताकि छात्र यात्रा और आवास की योजना शांति से बना सकें।
बदला हुआ परीक्षा पैटर्न
NBEMS ने परीक्षा के प्रारूप में भी महत्वपूर्ण संशोधन किया है। अब परीक्षा में कुल 180 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) होंगे, जिन्हें 210 मिनट में हल करना होगा। हालांकि कुल समय पहले जैसा ही है, लेकिन प्रश्नों की संख्या कम होने से अब उम्मीदवारों को प्रत्येक प्रश्न के लिए अधिक समय मिल सकेगा।
| विशेषता | पुराना पैटर्न | नया पैटर्न (2026) |
|---|---|---|
| कुल प्रश्न | 200 | 180 |
| कुल समय | 210 मिनट | 210 मिनट |
| शिफ्ट की संख्या | दो शिफ्ट संभव | एकल शिफ्ट (Single Shift) |
| केंद्र आवंटन | पहले आओ, पहले पाओ | पसंदीदा राज्य चयन |
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि ये बदलाव केवल प्रशासनिक सुधार नहीं हैं, बल्कि चिकित्सा क्षेत्र के भविष्य के डॉक्टरों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर किए गए हैं। एक ही शिफ्ट में परीक्षा कराने से 'पेपर लीक' या 'कठिनाई स्तर के अंतर' जैसी चिंताओं को समाप्त किया जा सकेगा, जिससे मूल्यांकन अधिक निष्पक्ष होगा।
परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी सुरक्षा और उम्मीदवारों की सुविधा का मेल अनिवार्य है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए आधार-आधारित सत्यापन, फिंगरप्रिंट और आइरिस बायोमेट्रिक सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही, परीक्षा केंद्रों पर CCTV निगरानी, सिग्नल जैमर और लाइव मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाएं तैनात रहेंगी।
Frequently Asked Questions
1. क्या मैं परीक्षा केंद्र के लिए अपना राज्य चुन सकता हूँ?
हाँ, अब आप तीन पसंदीदा राज्यों का चयन कर सकते हैं, जिसमें अपने राज्य को प्राथमिकता देना अनिवार्य है।
2. क्या परीक्षा के पैटर्न में कोई बदलाव हुआ है?
हाँ, अब 200 के बजाय 180 प्रश्न होंगे, जिससे आपको हर सवाल के लिए अधिक समय मिलेगा।