मंगलगिरि में आयोजित SIP क्षेत्रीय प्रोडिजी 2026 प्रतियोगिता में 1,200 से अधिक बच्चों ने अपनी अद्भुत मानसिक गणना क्षमताओं का प्रदर्शन किया। आंध्र प्रदेश के विजेता अब कोच्चि में होने वाले राष्ट्रीय स्तर के मुकाबले में हिस्सा लेंगे।

मुख्य बातें

  • 1,200 से अधिक बच्चों (आयु 5-14 वर्ष) ने प्रतियोगिता में भाग लिया।
  • विजेता नवंबर में कोच्चि में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय SIP प्रोडिजी के लिए क्वालीफाई करेंगे।
  • AI के युग में मानसिक गणितीय कौशल की प्रासंगिकता पर जोर दिया गया।
  • SIP एकेडमी आंध्र प्रदेश में अपने केंद्रों की संख्या दोगुनी करने की योजना बना रही है।

मंगलगिरि के CK कंवेंशन में रविवार को एक भव्य आयोजन हुआ, जहाँ SIP क्षेत्रीय प्रोडिजी 2026 के तहत 5 से 14 वर्ष की आयु के 1,200 से अधिक बच्चों ने अपनी मानसिक अंकगणितीय क्षमताओं का प्रदर्शन किया। यह भारत की सबसे बड़ी मानसिक गणित प्रतियोगिताओं में से एक है।

कार्यक्रम का उद्घाटन AIIMS मंगलगिरि के निदेशक कर्नल शशिकान्त थुम्मा द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों की प्रशंसा करते हुए उन्हें 'लिव सुपरकंप्यूटर' कहा। उन्होंने कहा, "आप मानव कैलकुलेटर हैं, जो कैलकुलेटर से भी तेज़ समस्याओं को हल कर रहे हैं। यह कार्यक्रम न केवल गणितीय समस्याओं को हल करने के कौशल विकसित करता है, बल्कि जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता भी प्रदान करता है।"

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते प्रभाव के बावजूद, बच्चों के संज्ञानात्मक विकास के लिए बुनियादी गणितीय कौशल अनिवार्य हैं। SIP एकेडमी इंडिया के निदेशक सिबी शेखर ने कहा कि AI उत्तर तो दे सकता है, लेकिन तर्क करने की शक्ति, एकाग्रता और समस्या समाधान कौशल बच्चों के भीतर से ही आने चाहिए। मानसिक गणित इन क्षमताओं को मजबूत करता है।

"मानसिक अंकगणित बच्चों को स्वतंत्र रूप से और आत्मविश्वास से सोचने में सक्षम बनाता है, जो AI के युग में और भी महत्वपूर्ण हो गया है।"

प्रतियोगिता के दौरान, नई फ्रैंचाइज़ी अधिग्रहण प्रमुख उमा स्वामीनाथन ने विस्तार योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में आंध्र प्रदेश में 25 केंद्र संचालित हैं और आने वाले वर्षों में इसे बढ़ाकर 50 करने का लक्ष्य है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

SIP प्रोडिजी एक वार्षिक श्रृंखला है जो बच्चों में गणित के प्रति रुचि जगाने के लिए डिज़ाइन की गई है। यह क्षेत्रीय स्तर से शुरू होकर राष्ट्रीय स्तर तक जाती है, जहाँ देश भर के लगभग 5,000 प्रतिभाशाली बच्चे एक मंच पर आते हैं।

क्या आप जानते हैं?: मानसिक गणित अभ्यास करने से मस्तिष्क के ग्रे मैटर का घनत्व बढ़ सकता है, जिससे याददाश्त और एकाग्रता में सुधार होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: क्षेत्रीय प्रोडिजी के विजेता क्या करेंगे?
उत्तर: आंध्र प्रदेश के विजेता नवंबर में कोच्चि में होने वाली राष्ट्रीय SIP प्रोडिजी 2026 के लिए क्वालीफाई करेंगे।

प्रश्न 2: इस प्रतियोगिता की आयु सीमा क्या है?
उत्तर: इस प्रतियोगिता में 5 से 14 वर्ष की आयु के बच्चे भाग ले सकते हैं।