तमिलनाडु के 51 वर्षीय ए. सुरेश कुमार ने नागपट्टिनम सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS सीट सुरक्षित कर इतिहास रच दिया है। NEET आयु सीमा हटाने के फैसले ने उनके बचपन के सपने को सच कर दिखाया है।

मुख्य बातें

  • 51 वर्षीय ए. सुरेश कुमार ने नागपट्टिनम सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS सीट हासिल की।
  • NEET-UG में आयु सीमा हटाने के फैसले से उन्हें मदद मिली।
  • सुरेश ने PwD श्रेणी के तहत प्रवेश प्राप्त किया है।
  • वह पहले से ही एक डायग्नोस्टिक कंपनी में उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।

जहाँ अधिकांश लोग 51 की उम्र में सेवानिवृत्ति या स्थिरता की योजना बनाते हैं, वहीं तमिलनाडु के ए. सुरेश कुमार ने एक नया रास्ता चुना है। उन्होंने नागपट्टिनम स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS के लिए प्रवेश प्राप्त कर लिया है। यह उपलब्धि उस समय संभव हुई जब राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने NEET परीक्षा के लिए ऊपरी आयु सीमा को हटा दिया था।

सुरेश का सफर बेहद प्रेरणादायक है। वह दो बच्चों के पिता हैं और पहले से ही एक डायग्नोस्टिक कंपनी में उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। उनके पास BBA और PhD जैसी डिग्रियां भी हैं, लेकिन चिकित्सा के क्षेत्र में जाने का उनका सपना अधूरा था। 2019 में हुए एक सड़क हादसे के कारण वह 40% दिव्यांगता (PwD) के साथ जी रहे हैं, और इसी श्रेणी के तहत उन्होंने इस वर्ष NEET-UG में 192 अंक प्राप्त कर अपनी सीट पक्की की।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि आयु सीमा का हटना केवल एक नीतिगत बदलाव नहीं है, बल्कि यह 'आजीवन सीखने' (Lifelong Learning) के अधिकार की जीत है। पहले, 25 वर्ष की आयु सीमा के कारण कई अनुभवी और समर्पित छात्र चिकित्सा शिक्षा से वंचित रह जाते थे। सुरेश जैसे उदाहरण यह साबित करते हैं कि जुनून और दृढ़ संकल्प के लिए उम्र केवल एक संख्या है।

"चिकित्सा विज्ञान एक मैराथन है, स्प्रिंट नहीं," हैदराबाद के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार ने कहा।

हालांकि, विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि 50 की उम्र में चिकित्सा की पढ़ाई करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। लंबे समय तक जागना, शारीरिक थकान और गहन शैक्षणिक कार्य के लिए अत्यधिक स्वास्थ्य और पारिवारिक सहयोग की आवश्यकता होती है। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि वृद्ध छात्रों के लिए जेरियाट्रिक्स (वृद्धावस्था चिकित्सा) जैसे क्षेत्र अधिक उपयुक्त हो सकते हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

वर्ष 2016 में, CBSE ने NEET के लिए आयु सीमा लागू करने का प्रयास किया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। अंततः, मार्च 2022 में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने आधिकारिक तौर पर इस प्रतिबंध को हटा दिया, जिससे सुरेश जैसे हजारों उम्मीदवारों के लिए दरवाजे खुल गए।

क्या आप जानते हैं?: भारत में हर साल लगभग 3,000 से 4,000 ऐसे उम्मीदवार NEET की परीक्षा देते हैं जिनकी आयु 25 वर्ष से अधिक होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. क्या NEET के लिए अब कोई ऊपरी आयु सीमा है?
नहीं, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने अब NEET-UG के लिए ऊपरी आयु सीमा हटा दी है।

2. सुरेश कुमार ने किस श्रेणी में प्रवेश लिया है?
उन्होंने दिव्यांगता (PwD) श्रेणी के तहत प्रवेश प्राप्त किया है।