रियलिटी शो ‘लॉक अप’ में अभिनेता गौरव खन्ना ने अकांक्षा चमोला की बायसेक्सुअलिटी के खुलासे को खुले दिल से स्वीकारा। दोनों की व्यक्तिगत कहानी ने दर्शकों में गहरी चर्चा छेड़ दी।

नई दिल्ली – लोकप्रिय रियलिटी शो लॉक अप: सच या सजा ने फिर एक बार दर्शकों के बीच चर्चा का बवंडर पैदा कर दिया है। इस बार मंच पर अभिनेता गौरव खन्ना को अपने जीवन साथी, अभिनेत्री अकांक्षा चमोला के बायसेक्सुअलिटी के खुलासे पर प्रतिक्रिया देने का अवसर मिला। शो के निर्माता फराज़ खान और रीतीश देशमुख की मेजबानी में, इस खुलासे ने न केवल कलाकारों के रिश्ते की जटिलताओं को उजागर किया, बल्कि भारतीय समाज में लैंगिक विविधता के प्रति जागरूकता के नए आयाम भी खोले।

शो का प्रारूप और दर्शकों का जुड़ाव

‘लॉक अप’ एक जेल‑थीम वाला रियलिटी प्रोग्राम है, जहाँ 14 प्रतिभागी, दो जेलर और एक लॉक‑अप की टीम, छह हफ्तों तक विभिन्न कार्यों के माध्यम से इन‑गेम मुद्रा कमाते हैं। प्रत्येक एपिसोड में ‘विज़िटिंग आवर्स’ का सेगमेंट दर्शकों को प्रतिभागियों के निजी जीवन की झलक देता है, जिससे शौकीन दर्शकों की भागीदारी और भी बढ़ जाती है। इस सेट‑अप में व्यक्तिगत रहस्य उजागर होते हैं, जो शो को सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक संवाद का मंच बनाते हैं।

अकांक्षा चमोला का बायसेक्सुअलिटी खुलासा

शो के एक प्री‑रिकॉर्डेड प्रॉमो में फराज़ खान ने गौरव से पूछा, “क्या तुम्हें यह पता था?” अकांक्षा ने तुरंत उत्तर दिया, “उसे पहले से पता था।” इस बात का अर्थ था कि गौरव को इस रहस्य की जानकारी पहले से थी, और उन्होंने इसे खुले दिल से स्वीकार किया। अकांक्षा ने आगे बताया कि उन्होंने अपने विवाह से पहले कई समान‑लिंग संबंधों का अनुभव किया था, और यह खुलासा उनके व्यक्तिगत विकास और आत्म‑स्वीकारोक्ति की कहानी को दर्शाता है।

गौरव खन्ना की प्रतिक्रिया: खुले दिल से स्वीकार

गौरव ने इस पर कहा, “अगर आप किसी को पसंद करते हैं तो पूरी तरह से करना चाहिए। मैं हमेशा यही मानता आया हूँ।” उन्होंने यह भी कहा कि अकांक्षा “बहुत ओपन‑माइंडेड” है और “उसकी भावनाओं को समझा और सौहार्दपूर्वक स्वीकार किया”। इस बयान ने दर्शकों में एक मिश्रित प्रतिक्रिया उत्पन्न की – कुछ ने इसे सराहते हुए बताया कि यह प्रेम में पारदर्शिता का प्रतीक है, जबकि अन्य ने सामाजिक मान्यताओं के साथ टकराव की ओर इशारा किया।

समाजिक प्रभाव और भविष्य की दिशा

भारतीय टेलीविज़न पर बायसेक्सुअलिटी जैसे विषयों का उल्लेख अभी भी नाज़ुक माना जाता है। इस खुलासे से यह स्पष्ट होता है कि रियलिटी शो अब केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का भी माध्यम बन रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की खुली चर्चा युवा वर्ग में लैंगिक विविधता के प्रति अधिक सहिष्णुता को बढ़ावा देगी, लेकिन साथ ही पारम्परिक दृष्टिकोणों की प्रतिक्रिया को भी तेज़ी से सामने लाएगी।

आगे क्या होगा?

अकांक्षा ने कहा कि वह अब एक स्वतंत्र जीवन जीना चाहती हैं, जबकि गौरव ने अपने भविष्य में बच्चे की बात की थी। यह अंतर उनके व्यक्तिगत लक्ष्य और सामाजिक अपेक्षाओं के बीच की खींचतान को दर्शाता है। अगली कड़ी में यह देखना होगा कि दोनों का व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन कैसे विकसित होता है, और क्या शो इस संवेदनशील मुद्दे को और गहराई से उजागर करेगा।