प्रसिद्ध प्लेबैक गायिका एस जानकी का 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया। 48,000 से अधिक गीतों के साथ उनका संगीत करियर भारतीय सिनेमा की धरोहर बन चुका था, और फिल्म जगत के कई सितारों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- एस जानकी का निधन, 88 वर्ष की आयु में
- 48,000 से अधिक गीत, 20+ भाषाओं में
- राजिनिकांत, कमल हसन, के.जे. विजय सहित कई सितारों ने श्रद्धांजलि दी
भारतीय संगीत जगत ने एक विशाल नुकसान झेला जब 88 वर्ष की आयु में लीजेंडरी प्लेबैक गायिका एस जानकी का निधन हो गया। उनका करियर चार दशकों से अधिक समय तक फैला, जिसमें उन्होंने तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, हिंदी और कई अन्य भाषाओं में लगभग 48,000 गीत गाए।
विस्तृत संगीत योगदान
एस जानकी ने अपने अद्वितीय स्वर से कई क्लासिक फिल्मों को जीवन दिया। मन्नन, थलापथी, अंबुल्ला राजिनिकांत जैसी सिनेमा में उनके गीत आज भी श्रोताओं के दिलों में गूँजते हैं। उन्होंने कई राष्ट्रीय और राज्य स्तर के पुरस्कार जीते, जिसमें कई राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी शामिल हैं। उनका संगीत न केवल दक्षिण भारतीय सिनेमाओं में बल्कि पूरे भारतीय फिल्म उद्योग में अमिट छाप छोड़ गया।
सेलेब्रिटी श्रद्धांजलि
राजिनिकांत ने ट्विटर (X) पर तमिल में लिखा, “जनकी माँ की मधुर आवाज़ ने कई पीढ़ियों को आनंदित किया, उनकी आत्मा शांति पाये।” इसी तरह कमल हसन ने भावनात्मक कविता के साथ कहा, “उसका गीत हमेशा गूँजता रहेगा, यह एक अपूरणीय क्षति है।” के.जे. विजय ने कहा, “एस जानकी ने कई भाषाओं में अनगिनत गाने गाए हैं, उनका योगदान भारतीय संगीत में अनमोल है।” अन्य कलाकारों में चिन्मयी श्रीपादा, समीरा, और सिमरन ने भी व्यक्तिगत स्मृतियों को साझा किया।
आगे का असर
एस जानकी की मृत्यु न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे फिल्म और संगीत समुदाय के लिए एक बड़ा शोक है। उनका गायन शैली, भावनात्मक अभिव्यक्ति और बहुभाषी क्षमताएं आने वाली पीढ़ियों के संगीतकारों को प्रेरित करती रहेंगी। कई संगीत स्कूल और युवा कलाकार अब उनके कार्यों को अध्ययन के रूप में अपनाने की योजना बना रहे हैं।
संगीत प्रेमियों के बीच उनका अभाव महसूस किया जाएगा, पर उनकी गाथा और आवाज़ हमेशा जीवित रहेगी।