पश्चिम बंगाल के पर्यावरण मंत्री मनोज कुमार ओराओन ने सुंदरवन में अवैध अतिक्रमण और मछली पालन के लिए काटे गए मैंग्रोव वनों को फिर से बहाल करने का संकल्प लिया है।

मुख्य बिंदु

  • सुंदरवन में सैकड़ों एकड़ मैंग्रोव जंगल अवैध अतिक्रमण और मछली पालन तालाबों (bheries) के कारण नष्ट हो गए हैं।
  • पश्चिम बंगाल भारत के कुल मैंग्रोव कवर का 42.45% हिस्सा रखता है।
  • विशेषज्ञों ने मैंग्रोव संरक्षण के लिए एक समर्पित राज्य प्राधिकरण की स्थापना की मांग की है।

पश्चिम बंगाल के पर्यावरण और वन मंत्री मनोज कुमार ओराओन ने सुंदरवन के पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। हाल ही में एक द्वीप का दौरा करने के बाद, जहाँ 100 हेक्टेयर से अधिक मैंग्रोव पर अतिक्रमण पाया गया, मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार इन नष्ट हो चुके क्षेत्रों को फिर से बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मंत्री ने बताया कि सुंदरवन के कई द्वीपों, जैसे कि क्रिपखाली, में कभी घने मैंग्रोव जंगल हुआ करते थे, लेकिन अब उन्हें मछली पालन के लिए उथले तालाबों में बदल दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि बाहर से देखने पर जंगल घना लग सकता है, लेकिन भीतर से अतिक्रमण के कारण यह काफी हद तक खाली हो चुका है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, सुंदरवन न केवल जैव विविधता का केंद्र है, बल्कि यह चक्रवात जैसे प्राकृतिक आपदाओं के खिलाफ भारत के लिए एक सुरक्षा कवच भी है। मैंग्रोव का नुकसान सीधे तौर पर तटीय समुदायों की सुरक्षा को खतरे में डालता है।

मैंग्रोव का संरक्षण केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह तटीय सुरक्षा और आजीविका का आधार है।

नेचर एनवायरनमेंट एंड वाइल्डलाइफ सोसाइटी (NEWS) की एक रिपोर्ट के अनुसार, केवल 10 स्थानों पर ही 600 हेक्टेयर से अधिक मैंग्रोव का अतिक्रमण पाया गया है, जो वास्तविक नुकसान से कहीं कम हो सकता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

सुंदरवन दुनिया का एकमात्र मैंग्रोव वन है जो रॉयल बंगाल टाइगर का घर है। यहाँ लगभग 100 बाघ और 234 से 264 खारे पानी के मगरमच्छ निवास करते हैं। यह क्षेत्र अम्फान और यश जैसे विनाशकारी चक्रवातों का सामना कर चुका है, जो इसकी संवेदनशीलता को दर्शाता है।

क्या आप जानते हैं?: पश्चिम बंगाल भारत के कुल मैंग्रोव क्षेत्र का लगभग 42.45% हिस्सा कवर करता है, जो लगभग 2,119.16 वर्ग किमी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: सुंदरवन में मैंग्रोव को क्या नुकसान पहुँचा रहा है?
उत्तर: मुख्य रूप से मछली पालन के लिए बनाए गए उथले तालाबों (bheries) और अवैध अतिक्रमण के कारण मैंग्रोव नष्ट हो रहे हैं।

प्रश्न 2: सुंदरवन में कौन से प्रमुख वन्यजीव पाए जाते हैं?
उत्तर: यहाँ रॉयल बंगाल टाइगर और खारे पानी के मगरमच्छ प्रमुख रूप से पाए जाते हैं।