पंजाब में फार्मेसी अधिकारी और कृषि विकास अधिकारी की भर्ती परीक्षाओं में हाई‑टेक नकल के आरोप सामने आए हैं। सरकार ने पेपर लीक न होने का दावा किया, जबकि विपक्ष ने इस्तीफ़ा और पुनः परीक्षा की मांग की।
मुख्य बिंदु
- फार्मेसी अधिकारी और कृषि विकास अधिकारी भर्ती में हाई‑टेक नकल का आरोप
- सरकार का दावा: कोई पेपर लीक नहीं, केवल माफिया को पकड़ा गया
- विपक्ष ने इस्तीफ़ा और पुनः परीक्षा की मांग की
फार्मेसी अधिकारी परीक्षा की घटनाक्रम
पंजाब स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने 454 फार्मेसी अधिकारी पदों के लिये बाबा फरीद विश्वविद्यालय (BFUHS) में परीक्षा आयोजित की, जिसमें लगभग 7,000 उम्मीदवार भाग लिये। परीक्षा के शुरू होते ही विशेष इंटेलिजेंस टीम ने फरीदकोट, फिरोजपुर और कोट कपूरा के सेंटरों पर छापेमारी की, 35 लोगों को हिरासत में ले लिया गया।
जांच में पता चला कि कई उम्मीदवार ने पेन‑कैमर और ब्लूटूथ डिवाइस छिपा कर प्रश्नपत्र को रीयल‑टाइम में स्कैन किया और उत्तर व्हाट्सएप के माध्यम से बाहर भेजे। गैंग ने प्रति उम्मीदवार 3.5 लाख से 13 लाख रुपये तक की रक़म वसूली की, जिससे विपक्ष ने इसे "पेपर लीक" घोषित कर इस्तीफ़ा की मांग की।
कृषि विकास अधिकारी (ADO) भर्ती में विवाद
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ADO भर्ती में भी समान आरोप लगे हैं। विपक्ष का कहना है कि प्रश्नपत्र पहले ही लीक हो चुका था और ग्रेस मार्क्स के माध्यम से अनियमित लाभ दिया गया। इस पर युवा अभ्यर्थियों ने पुनः परीक्षा और पारदर्शी जांच की माँग में विरोध प्रदर्शन किया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that these high‑tech cheating scandals expose systemic vulnerabilities in Punjab’s recruitment processes, potentially eroding public trust in state institutions ahead of the 2026 elections.
"पेपर लीक के बजाय हाई‑टेक नकल की जाँच ने परीक्षा प्रणाली की कमजोरियों को उजागर किया है," कहा शैक्षिक नीति विशेषज्ञ डॉ. अनीता सिंह.
Frequently Asked Questions
Q1: क्या इन दो मामलों में सभी आरोपी पकड़े जा चुके हैं?
A: अभी तक 35 लोगों को हिरासत में लिया गया है, लेकिन पूरी जाँच जारी है.
Q2: विपक्ष के दावे के बाद क्या कोई मंत्री ने इस्तीफ़ा दिया?
A: अभी तक कोई आधिकारिक इस्तीफ़ा नहीं मिला, लेकिन विपक्ष ने तत्काल इस्तीफ़ा की मांग की है.