फ़ीफ़ा के अध्यक्ष जियानी इन्फैंटो ने प्रमुख प्रतियोगिताओं में हिस्सेदारी बेचने के विवादास्पद प्रस्ताव को सदस्य संघों की व्यापक विरोध के बाद वापस ले लिया।
मुख्य बिंदु
- फ़ीफ़ा ने $40 मिलियन हिस्सेदारी बिक्री योजना को रद्द किया।
- UEFA, AFC और CONCACAF की तीव्र विरोध ने इस कदम को बाध्य किया।
- इन्फैंटो के पुनः चयन अभियान अब कड़ी जांच का सामना कर रहा है।
फ़ीफ़ा के अध्यक्ष जियानी इन्फैंटो ने गुरुवार घोषणा की कि संगठन अपने प्रमुख टूर्नामेंटों—पुरुष और महिला विश्व कप सहित—में हिस्सेदारी बेचने की विवादास्पद योजना को अब आगे नहीं बढ़ाएगा।
यह प्रस्ताव, जिसमें 211 सदस्य संघों को निजी निवेश को समर्थन देने के लिए $40 मिलियन का प्रोत्साहन दिया गया था, ने फुटबॉल जगत में व्यापक विरोध को जन्म दिया। UEFA ने यदि योजना लागू हुई तो विश्व कप का बहिष्कार करने का फैसला किया, जबकि एशियन फ़ुटबॉल कॉन्फेडरेशन (AFC) और CONCACAF ने सार्वजनिक रूप से इसे अस्वीकार किया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
2016 में अध्यक्ष बनने के बाद से इन्फैंटो ने फ़ीफ़ा की संपत्तियों को अधिक व्यावसायिक बनाने की कोशिश की है, यह तर्क देते हुए कि संगठन "अध-राजस्वी" है। नवीनतम योजना में "फ़ीफ़ा फ़ॉरवर्ड एंटरप्राइज़ (FFE)" नामक नई सहायक कंपनी बनाकर थर्ड‑पार्टी निवेशकों को अल्पसंख्यक हिस्सेदारी खरीदने का अवसर दिया जाना था, जिसमें अमेरिकी वेंचर कैपिटल फर्म थ्राइव एटरनल शामिल थी।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that abandoning the plan preserves the traditional governance model of football, but it also exposes deep fractures that could influence the upcoming 2027 presidential election.
“विश्व कप में हिस्सेदारी बेचना खेल की स्वतंत्रता के लिए खतरनाक precedent स्थापित करता,” former UEFA executive Marco van Basten ने कहा।
Frequently Asked Questions
- सदस्य संघों को कौन सा वित्तीय प्रोत्साहन दिया गया था? प्रत्येक संघ को निवेश योजना का समर्थन करने पर $40 मिलियन की राशि प्राप्त हो सकती थी।
- क्या यह प्रस्ताव भविष्य में फिर से लाया जाएगा? फ़ीफ़ा के अधिकारियों का कहना है कि यह विचार वर्तमान में स्थगित है, लेकिन नए अध्यक्ष के तहत फिर से चर्चा हो सकती है।