रवि मोहन और आर्टी के तलाक के बीच आर्टी की माँ सुजाता विजयकुमार ने ₹40 लाख की रखरखाव माँग को नकारा। कोर्ट ने अंतरिम रखरखाव के साथ रवि को बच्चों की शिक्षा खर्च भी तय किया है। यह विवाद अब सोशल मीडिया पर भी तेज़ी से फैल रहा है।
Key Takeaways
- आर्टी की माँ ने ₹40 लाख की रखरखाव माँग को खारिज किया।
- कोर्ट ने रवि मोहन को बच्चों की शिक्षा के लिए वार्षिक ₹86 लाख और मासिक रखरखाव के रूप में ₹3 लाख तथा प्रत्येक बच्चे को ₹1 लाख देने का आदेश दिया।
- रवि मोहन ने इंस्टाग्राम पर कोर्ट की उपेक्षा करने वाले लोगों को निशाना बनाया।
केस का पृष्ठभूमि
रवि मोहन और आर्टी रवी ने सितंबर 2024 में 15 साल की शादी के बाद अलगाव की घोषणा की। तब से तलाक, बच्चों की देखभाल, शिक्षा खर्च और अंतरिम रखरखाव पर लगातार कानूनी लड़ाई चल रही है। चेंनई फैमिली वेलफ़ेयर कोर्ट ने हाल ही में अंतरिम आदेश जारी किया, जिसमें रवि को बच्चों के लिए वार्षिक ₹86 लाख स्कूल फीस और माह‑वार ₹3 लाख आर्टी को तथा ₹1 लाख प्रत्येक बच्चे को देने का निर्देश दिया गया।
सुजाता विजयकुमार का बयान
प्रोड्यूसर सुजाता विजयकुमार ने मीडिया को बताया कि आर्टी ने कभी ₹40 लाख की मासिक रखरखाव माँग नहीं की। यह आंकड़ा परिवार पर रवि मोहन द्वारा डालिए गए कर्ज और खर्चों से जुड़ा हुआ है, जिसमें बच्चों की स्कूल फीस, भोजन और ट्यूशन शामिल हैं। उन्होंने कहा, "रवि मोहन के कारण हमारे ऊपर बैंक ने जब्ती नोटिस भी जारी किया है।"
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि इस प्रकार के हाई‑प्रोफ़ाइल परिवारिक विवाद भारतीय सिनेमा उद्योग में वित्तीय पारदर्शिता और सार्वजनिक धारणा दोनों को प्रभावित करते हैं। जब सितारे निजी जीवन को सार्वजनिक मंच पर लाते हैं, तो यह दर्शकों की भरोसेमंदता और उद्योग की नैतिक दिशा को पुनः परिभाषित करता है।
"सिलेब्रिटी तलाक मामलों में वित्तीय दावों का सार्वजनिक खुलासा अक्सर न्यायिक प्रक्रिया को जटिल बना देता है," कहा परिवारिक कानून विशेषज्ञ डॉ. रवींद्र सिंह ने।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में पारिवारिक कानून 1955 के हिंदू वैवाहिक कानून (Hindu Marriage Act) के तहत संचालित होता है, जिसमें अंतरिम रखरखाव के प्रावधान शामिल हैं। अदालतें आम तौर पर दोनों पक्षों की आय, खर्च और बच्चों की शिक्षा को ध्यान में रखकर रखरखाव राशि निर्धारित करती हैं। पिछले दशकों में कई सिलेब्रिटी मामलों में उच्च रखरखाव आदेश सुनाए गए हैं, जो अक्सर सार्वजनिक चर्चा का केंद्र बनते हैं।
Frequently Asked Questions
Q1: अदालत ने रवि मोहन को कितना रखरखाव देना तय किया?
A1: अदालत ने उन्हें आर्टी को ₹3 लाख प्रति माह और प्रत्येक बच्चे को ₹1 लाख प्रति माह तथा वार्षिक स्कूल फीस के लिए ₹86 लाख देना आदेशित किया।
Q2: सुजाता विजयकुमार के अनुसार ₹40 लाख का आंकड़ा किससे जुड़ा है?
A2: वह कहती हैं कि यह कुल खर्च (शिक्षा, भोजन, ट्यूशन आदि) को जोड़ने से बनता है, न कि आर्टी की व्यक्तिगत माँग।