दिल्ली सरकार रूफ़टॉप सोलर पैनलों की इंस्टॉलेशन लागत घटाने के लिए अग्रिम सब्सिडी और पाँच साल के जनरेशन‑आधारित प्रोत्साहन की पेशकश करने की तैयारी कर रही है। यह कदम शहर में सौर ऊर्जा अपनाने की गति को तेज़ करेगा।

Key Takeaways

  • रूफ़टॉप सोलर के लिए कुल सब्सिडी ₹1.08 लाख तक
  • पाँच साल का अग्रिम जनरेशन‑आधारित प्रोत्साहन
  • लक्ष्य: 2.30 लाख रूफ़टॉप प्लांट्स तक विस्तार

दिल्ली की बिजली विभाग एक नई नीति पर काम कर रही है जो रूफ़टॉप सोलर पैनलों की शुरुआती लागत को काफी हद तक घटा देगी। प्रस्तावित बदलावों में मौजूदा सब्सिडी के साथ‑साथ पाँच साल के अग्रिम प्रोत्साहन को शामिल किया जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को कम खर्चे में सौर ऊर्जा मिल सकेगी।

इतिहासिक पृष्ठभूमि

पहले दिल्ली सोलर नीति के तहत 3 kW की रूफ़टॉप प्लांट के लिए कुल सब्सिडी ₹1.08 लाख थी, जिसमें केंद्र सरकार से ₹78,000 और दिल्ली सरकार से ₹30,000 शामिल थे। इंस्टॉलेशन खर्च लगभग ₹2.25 लाख रहता है, जबकि जनरेशन‑आधारित प्रोत्साहन प्रति यूनिट ₹3 (3 kW तक) और ₹2 (उससे अधिक) दिया जाता है।

नया योजना लागत में कैसे कटौती करेगी

प्रस्तावित नियमों के तहत यह प्रोत्साहन पाँच साल के लिए अग्रिम रूप से भुगतान किया जाएगा, जिससे यह लगभग पूरी इंस्टॉलेशन लागत को कवर कर देगा। इससे घरों और सरकारी भवनों में सोलर पैनल लगवाना आर्थिक रूप से अधिक व्यवहार्य हो जाएगा।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि अग्रिम सब्सिडी और प्रोत्साहन का मॉडल उपभोक्ता विश्वास को बढ़ाएगा, जिससे अगले दो वर्षों में सौर अपनाने की दर में 30% तक की वृद्धि हो सकती है। यह न केवल दिल्ली की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि राष्ट्रीय जलवायु लक्ष्यों में भी योगदान देगा।

"अग्रिम सब्सिडी से रूफ़टॉप सोलर अपनाने की गति दो साल में 30% तक बढ़ सकती है," कहते हैं डॉ. अनिल कुमार, नवीकरणीय ऊर्जा विश्लेषक।
Did You Know?: 2023 में दिल्ली की कुल सोलर क्षमता लगभग 1,500 MW थी, जबकि नई नीति 4,500 MW तक पहुंचने का लक्ष्य रखती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: नई सब्सिडी कब लागू होगी?
उत्तर: नीति को दिल्ली कैबिनेट की मंज़ूरी के बाद अगले वित्तीय वर्ष में लागू किया जाएगा।

प्रश्न 2: क्या यह योजना केवल आवासीय उपयोग के लिए है?
उत्तर: नहीं, यह योजना आवासीय और सरकारी दोनों प्रकार की इमारतों के लिए लागू होगी।