भारतीय खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण (FSSAI) ने Dabur India Ltd को उनके उत्पादों पर ‘100 प्रतिशत शुद्ध’ लेबल लगाने पर प्रतिबंध लगाते हुए चेतावनी जारी की। यह कदम उपभोक्ताओं को भ्रामक जानकारी से बचाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मुख्य बिंदु
- FSSAI ने Dabur को 100% लेबल के दुरुपयोग पर प्रतिबंधित किया।
- उत्पादों में शहद और नारियल तेल शामिल हैं।
- उपभोक्ता सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए कड़ी कार्रवाई की गई।
FSSAI ने सोमवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर घोषणा की कि उन्होंने Dabur India Ltd के खिलाफ एक प्रतिबंध आदेश जारी किया है। यह आदेश उन खाद्य उत्पादों पर लगाए गए ‘100 प्रतिशत’ दावों को लेकर है, जिन्हें नियामक द्वारा भ्रामक माना गया।
दबाव के तहत, Dabur को अब अपने शहद और नारियल तेल पैकेजिंग पर ‘100% शुद्ध’ या ‘संपूर्ण’ जैसे दावों को हटाने का निर्देश दिया गया है। नियामक ने बताया कि ऐसे दावे वैज्ञानिक प्रमाण या प्रमाणपत्र के बिना नहीं किए जा सकते।
इतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में खाद्य लेबलिंग के उल्लंघनों को लेकर पहले भी कई मामले सामने आए हैं। 2020 में, एक प्रमुख मसाला निर्माता के खिलाफ समान प्रतिबंध लगाया गया था, जिससे उद्योग में लेबल सत्यापन की आवश्यकता पर चर्चा हुई। इस प्रकार के कदम उपभोक्ता विश्वास को बहाल करने के लिए आवश्यक माने जाते हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia analysis shows that misleading “100%” claims can erode consumer trust and invite legal challenges, making regulatory vigilance crucial for market integrity.
उपभोक्ता संरक्षण में सच्ची लेबलिंग आवश्यक है, अन्यथा बाजार में विश्वास की कमी हो सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: क्या Dabur अपने उत्पादों को फिर से बेच सकता है?
उत्तर: हाँ, लेकिन उन्हें ‘100% शुद्ध’ दावे हटाकर पुनः लेबल करना होगा।
प्रश्न 2: इस प्रतिबंध का पालन न करने पर क्या दंड हो सकता है?
उत्तर: FSSAI के पास जुर्माना और उत्पादों को बाजार से हटाने का अधिकार है।