तमिलनाडु सरकार को तीन निजी मेडिकल कॉलेजों को डिम्ड यूनिवर्सिटी की स्थिति मिलने से 461 मेडिकल सीटों का नुकसान होने का खतरा है। स्वास्थ्य मंत्री केजि.जी. अरुणराज ने इस कदम को रोकने के लिए जल्द ही विधिक कार्रवाई करने की घोषणा की।

राज्य स्वास्थ्य मंत्री केजी अरुणराज ने बुधवार को बताया कि तमिलनाडु में तीन निजी मेडिकल कॉलेजों—धनलक्ष्मी श्रीनिवासन इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, श्रीनिवासन मेडिकल कॉलेज और सेंट पीटर्स मेडिकल कॉलेज—को डिम्ड टू बी यूनिवर्सिटी की स्थिति दी गई है। इस निर्णय के कारण राज्य को अपनी कोटा में से 461 MBBS तथा BDS सीटें खोनी पड़ेंगी, जिसमें 7.5% आवंटित आरक्षित सीटें भी शामिल हैं।

डिम्ड यूनिवर्सिटी का प्रभाव

डिम्ड यूनिवर्सिटी बनते ही संस्थान राज्य की आरक्षण नीति, सरकारी स्कूल छात्रों के लिए 7.5% क्षैतिज आरक्षण, तथा निर्धारित फीस संरचना से मुक्त हो जाते हैं। वे अपनी MBBS एवं BDS सीटें स्वतंत्र रूप से भर सकते हैं, जिससे राज्य के सामाजिक न्याय के सिद्धांत पर बड़ा प्रहार होता है।

कानूनी कदम और केंद्रीय सरकार से संवाद

अरुणराज ने बताया कि राज्य ने इस सूचना को राष्ट्रीय मेडिकल कमिशन की वेबसाइट से प्राप्त किया और तुरंत अधिवक्ता जनरल से परामर्श करके एक लिखित याचिका (व्रिट पेटिशन) दायर करने की तैयारी की है। साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय से अनुरोध किया है कि निजी मेडिकल कॉलेजों को डिम्ड यूनिवर्सिटी की स्थिति पाने के लिए राज्य की नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) अनिवार्य किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रक्रिया शिक्षा के क्षेत्र को राज्य सूची में वापस ले जाने की आवश्यकता को उजागर करती है, जिससे सामाजिक न्याय की रक्षा हो सके।

पिछले प्रकरण और प्रक्रिया की खामियाँ

कर्वा विनायगा मेडिकल कॉलेज ने 2023 में एन्ना विश्वविद्यालय और तमिलनाडु डॉ. एमजीआर मेडिकल विश्वविद्यालय से NOC के लिए आवेदन किया, लेकिन 60 दिनों की नियत सीमा पूरी नहीं हुई। बाद में उच्च न्यायालय ने 2025 में बताया कि जब NOC समय पर नहीं दिया जाता तो उसे यूजीसी नियमों के अनुसार स्वचालित मान लिया जाता है। यह प्रकरण निजी संस्थानों द्वारा NOC प्रक्रिया को दरकिनार करने की प्रवृत्ति को दर्शाता है।

नालाम एआई चैटबॉट लॉन्च

इस अवसर पर मंत्री ने नालाम एआई नामक एक व्हाट्सएप चैटबॉट सेवा भी शुरू की। यह सेवा 22 जिलों में सरकारी अस्पतालों के आउट‑पेशेंट स्लिप जनरेट करने, अपॉइंटमेंट बुक करने और रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग से जुड़ने के लिए उपलब्ध होगी। इस पहल का उद्देश्य रोगियों को कतार में खड़े हुए समय को कम करना और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाना है।