तमिल अभिनेत्री ज्योतिका ने उम्र बढ़ने पर प्रोटीन के महत्व पर प्रकाश डाला। विशेषज्ञों के अनुसार, 30 के बाद मांसपेशियों की हानि को रोकने के लिए रोज़ 1 ग्राम प्रोटीन प्रति किलोग्राम वजन आवश्यक है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- उम्र के साथ मांसपेशियों का नुकसान बढ़ता है, इसलिए प्रोटीन का सेवन बढ़ाना चाहिए।
- वजन के प्रति किलोग्राम 1 ग्राम प्रोटीन आदर्श मात्रा है, विशेषकर महिलाओं के लिए।
- दाल, पनीर, अंडा, मछली और प्रोटीन शेक जैसी रोज़मर्रा की चीज़ें आसानी से आहार में शामिल की जा सकती हैं।
ज्योतिका ने हाल ही में टविक इंडिया के साथ एक साक्षात्कार में बताया कि उम्र बढ़ने के साथ प्रोटीन का सेवन न केवल लाभदायक बल्कि आवश्यक हो जाता है। उन्होंने कहा, “प्रोटीन अच्छा है। आपको अपने शरीर के वजन के अनुसार 1 ग्राम प्रोटीन रोज़ लेना चाहिए। यह महिलाओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।” यह बयान कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों के शोध से मेल खाता है।
प्रोटीन की उम्र‑संबंधी भूमिका
डॉ. अमरीन शेख, किम्स हॉस्पिटल, ठाणे की मुख्य आहार विशेषज्ञ के अनुसार, 30 वर्ष की आयु के बाद शरीर में मांसपेशियों की मात्रा धीरे‑धीरे घटने लगती है, जिसे एजी‑रिलेटेड मसल लॉस कहा जाता है। यह प्रक्रिया 50 के बाद तेज़ हो जाती है। पर्याप्त प्रोटीन मांसपेशियों को संरक्षित रखने, हड्डियों की मजबूती, रोग प्रतिरोधक क्षमता और शीघ्र पुनर्प्राप्ति में मदद करता है। कई वयस्क, विशेषकर महिलाएँ, अपनी दैनिक प्रोटीन आवश्यकता को पूरा नहीं करतीं, अक्सर अनजाने में।
उम्र के साथ प्रोटीन की बढ़ी हुई आवश्यकता क्यों?
बुजुर्गों की मांसपेशियों की प्रोटीन के प्रति संवेदनशीलता कम हो जाती है, इसलिए वही मांसपेशी द्रव्यमान बनाए रखने के लिये अधिक प्रोटीन की जरूरत पड़ती है। शेख ने बताया, “एक स्वस्थ वयस्क को प्रति किलोग्राम शरीर के वजन पर 0.8‑1 ग्राम प्रोटीन चाहिए, जबकि बुजुर्गों को 1.0‑1.2 ग्राम तक की आवश्यकता हो सकती है, विशेषकर यदि वे सक्रिय हों या बीमारी से उबर रहे हों।”
भारतीय आहार में प्रोटीन को सहजता से बढ़ाने के उपाय
भारतीय रसोई में प्रोटीन के कई स्रोत उपलब्ध हैं: दाल, चना, राजमा, पनीर, दही, दूध, सोया उत्पाद, अंडा, मछली और कम वसा वाले मांस। शेख ने सुझाव दिया कि प्रोटीन को एक ही भोजन में नहीं, बल्कि तीनों मुख्य भोजन—नाश्ता, दोपहर और रात—में समान रूप से वितरित करना चाहिए। दही को रोटी के साथ, स्नैक्स में अंकुरित दालें, या नाश्ते में अंडा जोड़ने से कुल प्रोटीन सेवन में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
निष्कर्ष और भविष्य की दिशा
ज्योतिका का प्रोटीन पर जोर न केवल सेलिब्रिटी राय नहीं, बल्कि वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित है। जैसे-जैसे भारत में आयु‑सम्बंधी स्वास्थ्य समस्याएँ बढ़ रही हैं, सार्वजनिक जागरूकता और उचित पोषण शिक्षा अत्यावश्यक हो गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का सुझाव है कि नियमित शारीरिक व्यायाम के साथ संतुलित प्रोटीन सेवन, उम्र‑संबंधी मांसपेशी हानि को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।