तेलंगाना के आयुष हाउस सर्जनों और स्नातकोत्तर डॉक्टरों ने वजीफे में भारी असमानता के खिलाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। लगभग 2,500 डॉक्टर एलोपैथिक समकक्षों के समान वेतन की मांग कर रहे हैं।
मुख्य बातें
- तेलंगाना के लगभग 2,500 आयुष डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।
- मुख्य मांग: एलोपैथिक डॉक्टरों के समान वजीफा मिलना।
- वर्तमान में आयुष हाउस सर्जनों को केवल ₹13,000 मिलते हैं, जबकि एलोपैथिक डॉक्टरों को ₹28,000 दिए जाते हैं।
- 15 दिनों का नोटिस देने के बाद भी सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
तेलंगाना के आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी (AYUSH) क्षेत्र के हाउस सर्जनों और स्नातकोत्तर डॉक्टरों ने राज्य भर में एक अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। यह विरोध प्रदर्शन वजीफे (stipend) में व्याप्त भारी असमानता को लेकर किया जा रहा है, जिसे डॉक्टरों ने अन्यायपूर्ण बताया है।
तेलंगाना आयुष हाउस सर्जनों और स्नातकोत्तर संयुक्त कार्य समिति (JAC) के अध्यक्ष बी. राजेश कल्याण ने बताया कि यह हड़ताल मंगलवार से शुरू हुई। यह निर्णय 15 दिनों के पूर्व नोटिस के बाद लिया गया, क्योंकि सरकार ने उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया। वर्तमान में पांच सरकारी कॉलेजों के लगभग 2,500 डॉक्टर इस आंदोलन का हिस्सा हैं।
वेतन में भारी अंतर
विरोध का मुख्य कारण आयुर्वेद और एलोपैथी डॉक्टरों के बीच वेतन का विशाल अंतर है। आंकड़ों के अनुसार, तेलंगाना में आयुष हाउस सर्जनों को मात्र ₹13,000 प्रति माह मिलते हैं, जबकि एलोपैथिक हाउस सर्जनों को ₹28,000 मिलते हैं। इसी तरह, स्नातकोत्तर (PG) स्तर पर आयुष डॉक्टरों को ₹30,000 मिलते हैं, जबकि एलोपैथी स्नातकोत्तरों को ₹70,000 दिए जाते हैं।
| श्रेणी | आयुष वजीफा (₹) | एलोपैथी वजीफा (₹) |
|---|---|---|
| हाउस सर्जन | ~13,000 | ~28,000 |
| स्नातकोत्तर (PG) | ~30,000 | ~70,000 |
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मुद्दा केवल वेतन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आयुष चिकित्सा पद्धति के प्रति सरकारी सम्मान और प्रोत्साहन का भी मामला है। पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश में स्थिति काफी बेहतर है, जहां आयुष डॉक्टरों को एलोपैथिक डॉक्टरों के लगभग बराबर वेतन दिया जाता है।
"जब तक सरकार वजीफा असमानता को दूर नहीं करती और आयुष डॉक्टरों को समान अधिकार नहीं देती, यह हड़ताल जारी रहेगी।" - बी. राजेश कल्याण
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
आयुष डॉक्टरों का कहना है कि पिछले एक दशक से उनके वजीफे में कोई महत्वपूर्ण वृद्धि नहीं की गई है। बार-बार ज्ञापन सौंपने के बावजूद, प्रशासन ने इस गंभीर आर्थिक मुद्दे को नजरअंदाज किया है, जिससे डॉक्टरों में भारी असंतोष है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. यह हड़ताल क्यों हो रही है?
डॉक्टर एलोपैथिक डॉक्टरों के बराबर वजीफा पाने की मांग कर रहे हैं।
2. कितने डॉक्टर प्रभावित हैं?
तेलंगाना के पांच सरकारी कॉलेजों के लगभग 2,500 आयुष डॉक्टर हड़ताल पर हैं।