मैक्स हेल्थकेयर के एक बड़े अध्ययन में खुलासा हुआ है कि दिल्ली-एनसीआर के हर 20 में से एक वयस्क मधुमेह और उच्च रक्तचाप (hypertension) दोनों से पीड़ित है। यह दर सामान्य से लगभग दोगुनी है, जो जीवनशैली और आनुवंशिक कारणों की ओर इशारा करती है।
मुख्य बातें
- दिल्ली-एनसीआर के 5% वयस्कों में मधुमेह और उच्च रक्तचाप दोनों पाए गए हैं।
- 40 वर्ष की आयु के बाद इन बीमारियों का जोखिम तेजी से बढ़ता है।
- मधुमेह वाले व्यक्तियों में उच्च रक्तचाप होने की संभावना 4 गुना अधिक होती है।
- गलत सूचना और सोशल मीडिया के प्रभाव से स्वास्थ्य संबंधी निर्णय प्रभावित हो रहे हैं।
दिल्ली-एनसीआर के निवासियों के लिए एक चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है। मैक्स हेल्थकेयर के शोधकर्ताओं द्वारा 56,000 से अधिक वयस्कों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड के विश्लेषण से पता चला है कि लगभग 1 में से 20 वयस्क एक साथ मधुमेह (Diabetes) और उच्च रक्तचाप (Hypertension) जैसी दो गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। यह सह-रुग्णता (co-occurrence) स्वतंत्र रूप से होने की संभावना से लगभग दोगुनी है।
आयु और जोखिम का संबंध
अध्ययन के अनुसार, इन दोनों बीमारियों का एक साथ होना 40 वर्ष की आयु के बाद तेजी से बढ़ता है। यह वृद्धि 58 वर्ष की आयु तक जारी रहती है और फिर धीरे-धीरे स्थिर हो जाती है। चौंकाने वाली बात यह है कि 70 वर्ष की आयु तक पहुँचते-पहुँचते, अध्ययन में शामिल लगभग 17% लोग दोनों स्थितियों से ग्रस्त थे।
BozokMedia विश्लेषण: यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से स्पष्ट है कि यह केवल दिल्ली की समस्या नहीं है, बल्कि एक व्यापक दक्षिण एशियाई संकट है। मधुमेह और उच्च रक्तचाप का यह घातक मेल हृदय रोग, स्ट्रोक और किडनी फेलियर के जोखिम को कई गुना बढ़ा देता है। यदि इन दोनों का प्रबंधन एक साथ नहीं किया गया, तो स्वास्थ्य प्रणालियों पर बोझ और बढ़ेगा।
"यह केवल दिल्ली की समस्या नहीं है, बल्कि एक दक्षिण एशियाई घटना है जो आनुवंशिक और जीवनशैली दोनों कारकों का परिणाम है।" - डॉ. रोमेल टिकू
डॉ. रोमेल टिकू, मैक्स हेल्थकेयर में आंतरिक चिकित्सा के वरिष्ठ निदेशक, ने चेतावनी दी है कि लोग अक्सर इन बीमारियों को बहुत हल्के में लेते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैलने वाली गलत सूचनाओं और 'क्विक-फिक्स' उपचारों के प्रति भी आगाह किया है, जो मरीजों को सही इलाज से भटका रहे हैं।
ऐतिहासिक संदर्भ और वैश्विक स्थिति
वैश्विक स्तर पर भी कार्डियोमेटाबोलिक रोगों का बोझ बढ़ रहा है। लैंसेट (Lancet) के विश्लेषण के अनुसार, 1990 और 2019 के बीच उच्च रक्तचाप से पीड़ित वयस्कों की संख्या दोगुनी हो गई है। भारत में मोटापे की बढ़ती दर भी इस संकट को और गहरा कर रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. क्या मधुमेह और उच्च रक्तचाप का संबंध है?
हाँ, अध्ययन से पता चलता है कि मधुमेह वाले लोगों में उच्च रक्तचाप होने का जोखिम काफी अधिक होता है।
2. किन आयु वर्ग को सबसे अधिक सतर्क रहना चाहिए?
40 वर्ष से अधिक आयु के वयस्कों को विशेष रूप से नियमित जांच करानी चाहिए।