चंडीगढ़ के PGIMER में स्थापित समर्पित कार्डियक ट्राइएज यूनिट ने पांच महीने के भीतर 3,049 मरीजों का सफल उपचार किया है। इस पहल ने नेहरू अस्पताल के आपातकालीन विभाग पर बोझ कम करते हुए हृदय रोगियों को त्वरित विशेषज्ञ देखभाल प्रदान की है।

मुख्य बिंदु

  • PGIMER की कार्डियक ट्राइएज यूनिट ने 5 महीने में 3,049 मरीजों का आकलन किया।
  • 36.3% मरीजों को सीधे कोरोनरी केयर यूनिट (CCU) में स्थानांतरित किया गया।
  • इकाई ने मात्र 0.5% की मृत्यु दर दर्ज की, जो इसकी सफलता को दर्शाता है।
  • विशेषज्ञों ने इस मॉडल को अन्य बड़े अस्पतालों में लागू करने का सुझाव दिया है।

चंडीगढ़ स्थित Postgraduate Institute of Medical Education and Research (PGIMER) के उन्नत कार्डियक सेंटर (ACC) में शुरू की गई समर्पित कार्डियक ट्राइएज यूनिट ने चिकित्सा क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित किया है। 9 मार्च को शुरू हुई इस इकाई ने पांच महीने से भी कम समय में 3,049 मरीजों का सफलतापूर्वक प्रबंधन किया है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य नेहरू अस्पताल के मुख्य आपातकालीन विभाग पर बढ़ते दबाव को कम करना था। कार्डियक ट्राइएज यूनिट का गठन यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया था कि हृदय संबंधी आपात स्थिति वाले मरीजों को अन्य सामान्य आपातकालीन मामलों के बीच प्रतीक्षा न करनी पड़े। इससे मरीजों को विशेषज्ञों तक त्वरित पहुंच प्राप्त हुई है।

उपचार का विश्लेषण और आंकड़े

29 जुलाई तक संकलित आंकड़ों के अनुसार, ट्राइएज यूनिट में आए मरीजों का वितरण इस प्रकार रहा:

श्रेणीमरीजों की संख्याप्रतिशत (%)
सीधे CCU में स्थानांतरित1,10836.3%
उसी दिन स्थिर कर छुट्टी दी गई1,51349.6%
हार्ट कमांड में अल्पकालिक भर्ती301%
अन्य विभाग/नेहरू अस्पताल भेजे गए328~10%

हैरानी की बात यह है कि मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि के बावजूद, मृत्यु दर केवल 0.5% रही। यूनिट ने आपातकालीन स्थिति में 26 'प्राइमरी परक्यूटेनियस कोरोनरी इंटरवेंशन' (PCI) प्रक्रियाएं भी सफलतापूर्वक कीं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि हृदय संबंधी आपात स्थितियों के बढ़ते मामलों के बीच, इस तरह के समर्पित 'फास्ट-ट्रैक' मॉडल की आवश्यकता पूरे देश में है। यह न केवल अस्पताल के बुनियादी ढांचे का बेहतर उपयोग करता है, बल्कि जीवन रक्षक समय (Golden Hour) की बचत भी करता है।

कार्डियोलॉजी प्रोफेसर डॉ. राजेश विजयवर्गीय के नेतृत्व में यह मॉडल अन्य उच्च-वॉल्यूम तृतीयक देखभाल अस्पतालों के लिए एक ब्लूप्रिंट साबित हो सकता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

सरकारी अस्पतालों में आपातकालीन विभागों पर मरीजों का भारी दबाव हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। PGIMER ने इस समस्या को हल करने के लिए 'स्पेशलाइज्ड ट्राइएज' का रास्ता चुना, जो सामान्य आपातकालीन सेवाओं से अलग, केवल हृदय रोगियों के लिए समर्पित है।

क्या आप जानते हैं?: कार्डियक ट्राइएज का उद्देश्य मरीज की स्थिति की गंभीरता के आधार पर तुरंत निर्णय लेना है ताकि 'गोल्डन आवर' में इलाज शुरू हो सके।

Frequently Asked Questions

1. कार्डियक ट्राइएज यूनिट का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य हृदय रोगियों को सामान्य आपातकालीन मरीजों से अलग करना और उन्हें तुरंत विशेषज्ञ देखभाल प्रदान करना है।

2. क्या इस यूनिट ने मृत्यु दर को कम करने में मदद की?
हाँ, मरीजों की संख्या बढ़ने के बावजूद मृत्यु दर केवल 0.5% रही, जो इसकी प्रभावशीलता को सिद्ध करता है।