सरकार दो‑दिन की ऑफर के तहत लाइफ इन्शुरेंस कॉरपोरेशन (LIC) के 6.5% शेयर ₹382 प्रति शेयर की न्यूनतम कीमत पर बेचने को तैयार है। यह कदम यदि पूरी तरह सब्सक्राइब हो जाए तो निकासी कोष में लगभग ₹31,000 करोड़ जोड़ देगा।
मुख्य बिंदु
- LIC में 6.5% हिस्सेदारी की बिक्री, 82.22 करोड़ शेयर
- फ्लोर प्राइस ₹382/शेयर, बाजार मूल्य से 10% कम
- सरकार के डिस्पोज़िशन फंड में ₹31,000 करोड़ का इजाफा
LIC शेयर बिक्री की विस्तृत जानकारी
वित्त मंत्रालय ने 4 अगस्त को शुरू हुए दो‑दिन के ऑफर फॉर सेल (OFS) के माध्यम से LIC के 6.5% शेयर, यानी 82.22 करोड़ शेयर, ₹382 प्रति शेयर की न्यूनतम कीमत पर बेचने का प्रस्ताव रखा। यह ऑफर पहले गैर‑रिटेल निवेशकों के लिए खुला और अगले दिन रिटेल वर्ग के लिए।
डिस्पोज़िशन कोष में भारी इज़ाफ़ा
यदि इस ऑफर में सभी शेयर पूरी तरह सब्सक्राइब हो जाते हैं, तो सरकार को लगभग ₹31,000 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा, जिससे सार्वजनिक क्षेत्रों के अन्य स्टेकहोल्डर्स को भी लाभ होगा।
सत्रीकरण और नियामक दबाव
सेबी ने LIC को 10% सार्वजनिक शेयरहोल्डिंग का लक्ष्य 16 मई 2027 तक पूरा करने का आदेश दिया था। इस बिक्री से LIC को नियामक की मांग पूर्ण करने में मदद मिलेगी, जबकि सरकार को अपने डिस्पोज़िशन लक्ष्य भी हासिल हो जाएगा।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this move not only strengthens the government's fiscal buffer but also sets a precedent for larger disinvestment drives in other PSUs, potentially reshaping India's capital markets.
"LIC की इस हिस्सेदारी बिक्री से सार्वजनिक वित्त को दीर्घकालिक स्थिरता मिलेगी," वित्त विशेषज्ञ डॉ. रवींद्र सिंह ने कहा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या रिटेल निवेशकों को इस ऑफर में भाग लेने की पूरी स्वतंत्रता होगी?
उत्तर: हाँ, रिटेल वर्ग के निवेशकों को 5 अगस्त से खरीदारी का अवसर मिलेगा, लेकिन उन्हें निर्धारित न्यूनतम बिड वैल्यू का पालन करना होगा।
प्रश्न 2: इस बिक्री के बाद LIC की कुल बाजार पूँजी कितनी होगी?
उत्तर: बिक्री के बाद भी LIC की बाजार पूँजी लगभग ₹5.36 लाख करोड़ रहनी चाहिए, क्योंकि शेयरों की संख्या में परिवर्तन नहीं हुआ है।