ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान अगले महीने नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत की यात्रा करेंगे। इस दौरान पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता में चाबहार पोर्ट और पश्चिम एशिया की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
मुख्य बातें
- ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान सितंबर में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए भारत आएंगे।
- पीएम मोदी और पेज़ेशकियान के बीच द्विपक्षीय वार्ता में चाबहार बंदरगाह और पश्चिम एशिया के तनाव पर चर्चा होगी।
- भारत सरकार हॉर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठा सकती है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान अगले महीने नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत की यात्रा करेंगे। ईरानी सूत्रों ने पुष्टि की है कि यह यात्रा ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के बीच उनकी पहली महत्वपूर्ण भारत यात्रा होगी।
इस उच्च-स्तरीय दौरे के दौरान, राष्ट्रपति पेज़ेशकियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इस बैठक का मुख्य एजेंडा भारत-ईरान संबंधों को मजबूत करना, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चाबहार बंदरगाह की स्थिति और पश्चिम एशिया में मौजूदा भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर केंद्रित होगा।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह दौरा न केवल आर्थिक बल्कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में भारतीय नाविकों की सुरक्षा एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। भारत सरकार इस मंच का उपयोग अपने नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और समुद्री व्यापार मार्गों की स्वतंत्रता की वकालत करने के लिए कर सकती है।
भारत और ईरान के बीच बढ़ते सहयोग से न केवल क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने में भी नई दिशा मिल सकती है।
गौरतलब है कि जून में हुई एक टेलीफोनिक बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया था। ईरान जनवरी 2024 में ब्रिक्स का पूर्ण सदस्य बना था।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत और ईरान के बीच संबंध ऐतिहासिक रूप से गहरे रहे हैं, जिसमें चाबहार बंदरगाह परियोजना एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। हाल के महीनों में, पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण भारतीय नाविकों की सुरक्षा एक संवेदनशील मुद्दा बन गई है, जिसके कारण भारत ने ईरान के प्रति कड़ी आपत्ति भी दर्ज कराई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत में कब आयोजित किया जा रहा है?
यह शिखर सम्मेलन 12-13 सितंबर को भारत में आयोजित किया जाएगा।
2. भारत और ईरान के बीच मुख्य चर्चा का विषय क्या होगा?
मुख्य विषयों में चाबहार बंदरगाह, द्विपक्षीय व्यापार और पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति शामिल होगी।