भारत ने अनुच्छेद 370 को हटाने पर पाकिस्तान के बयानों को 'दुर्भावनापूर्ण प्रचार' करार देते हुए खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान-अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में नागरिक हत्याओं और मानवाधिकारों के उल्लंघन पर भी कड़ा प्रहार किया है।

मुख्य बातें

  • भारत ने अनुच्छेद 370 के निरसन को अपना पूर्ण आंतरिक मामला बताया।
  • पाकिस्तान के दावों को 'राजनीतिक मूर्खता' और 'दुर्भावनापूर्ण प्रचार' करार दिया गया।
  • PoJK में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा नागरिकों की हत्या पर चिंता जताई गई।
  • भारत ने पाकिस्तान को आतंकवाद के वैश्विक केंद्र के रूप में घेरा।

नई दिल्ली में आयोजित एक राजनयिक घटनाक्रम के बीच, भारत ने पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार के बयानों का कड़ा विरोध किया है। डार ने कश्मीर विवाद के समाधान के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप करने की मांग की थी, जिसे भारत ने सिरे से खारिज कर दिया।

विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रंधिर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश हमेशा से भारत का अभिन्न अंग रहे हैं और भविष्य में भी रहेंगे। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को हटाने का निर्णय भारत का पूर्णतः आंतरिक मामला है, जिसने क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक विकास और लोकतांत्रिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, पाकिस्तान द्वारा 'यौम-ए-इस्तेहसाल' का आयोजन करना केवल अंतरराष्ट्रीय ध्यान भटकाने की एक सोची-समझी कोशिश है। भारत का रुख स्पष्ट है कि पाकिस्तान का इस विषय पर टिप्पणी करने का कोई कानूनी अधिकार (locus standi) नहीं है।

"पाकिस्तान की हताशा उसके अपने मानवाधिकार रिकॉर्ड और आतंकवाद के केंद्र होने की सच्चाई को छिपाने का एक प्रयास है।"

भारत ने पाकिस्तान-अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में हो रही हिंसा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पाकिस्तानी सुरक्षा बल शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों का दमन करने के लिए घातक हिंसा और लक्षित हत्याओं का सहारा ले रहे हैं। भारत ने पाकिस्तान को सलाह दी है कि वह कूटनीतिक नाटक करने के बजाय अपनी धरती से संचालित हो रहे आतंकी नेटवर्क के खिलाफ ठोस कार्रवाई करे।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

5 अगस्त 2019 को भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को प्रभावी ढंग से समाप्त कर दिया था। इस ऐतिहासिक निर्णय के बाद से क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति में सुधार और विकास कार्यों में तेजी आई है, जबकि पाकिस्तान लगातार इसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने का प्रयास करता रहा है।

क्या आप जानते हैं?: भारत ने दशकों से पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जाए गए क्षेत्रों को 'PoJK' (पाकिस्तान-अधिकृत जम्मू और कश्मीर) के रूप में पहचान कर अपनी संप्रभुता का दावा बरकरार रखा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. क्या अनुच्छेद 370 का मुद्दा भारत का आंतरिक मामला है?
हाँ, भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि संवैधानिक परिवर्तन भारत का आंतरिक मामला है।

2. भारत ने PoJK के बारे में क्या कहा?
भारत ने PoJK में पाकिस्तानी बलों द्वारा नागरिकों की हत्या और मानवाधिकारों के उल्लंघन की कड़ी निंदा की है।