संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच की अस्थिर शांति समझौते के ढहने और होरमुज़ जलडमरूमध्य में जहाज़ों पर हमलों से तेल की कीमतें फिर से बढ़ीं। इस तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों और प्रमुख तेल ट्रांसिट मार्ग की सुरक्षा को लेकर नई अनिश्चितताएँ पैदा कर दीं।
जैसे ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ की गई हथियारबंद रोकथाम को समाप्त कर दिया, स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ में व्यापारिक जहाज़ों पर लगातार हमले हुए, जिससे विश्व के सबसे महत्त्वपूर्ण तेल ट्रांसिट मार्ग पर खतरा बढ़ गया। अमेरिकी बेंचमार्क कच्चा तेल 75.80 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुँचा, जो दो हफ्तों में सबसे अधिक कीमत थी, जबकि अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट लगभग 79 डॉलर तक पहुंच गया।
भौगोलिक तनाव का बाजार पर असर
रिस्टैड एनर्जी के भू‑राजनीतिक विश्लेषक जॉर्जे लियोन ने बताया कि "होरमुज़ में टैंकर ट्रैफिक लगभग बंद हो गया है, जो जोखिम की धारणा को दर्शाता है, न कि वाशिंगटन या तेहरान की कोई बयानबाजी"। इस प्रकार का जोखिम तेल कीमतों को तुरंत प्रभावित करता है, क्योंकि इस जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल का लगभग 20% प्रवाह होता है।
ईंधन कीमतों पर प्रत्यक्ष प्रभाव
अमेरिका में नियमित पेट्रोल की औसत कीमत 3.80 डॉलर प्रति गैलन तक बढ़ी, हालांकि यह अभी भी एक महीने पहले की औसत 4.16 डॉलर से कम है। पेट्रोल की कीमतों में परिवर्तन धीरे‑धीरे रिफ़ाइनर के इन्वेंट्री और वितरण चैनल के माध्यम से पंप तक पहुँचता है, इसलिए उपभोक्ताओं को तुरंत असर नहीं दिखता।
रणनीतिक तेल भंडार की कमी
संयुक्त राज्य ने मार्च में युद्ध‑समय के दौरान रणनीतिक तेल भंडार (SPR) से तेल रिलीज़ किया था, लेकिन 3 जुलाई तक SPR में 319.5 मिलियन बैरल ही बचे, जो 1983 के बाद से सबसे कम स्तर है। इस कमी को देखते हुए ऊर्जा नीति विशेषज्ञ माइकल लिंच ने कहा, "रणनीतिक भंडार की कमी ट्रम्प की हथियार थैली को कमजोर कर देती है"।
शिपिंग उद्योग की नई चुनौतियाँ
अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगेज़ ने हमलों की निंदा की और जहाज़ मालिकों को कहा कि "जब तक चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, होरमुज़ के माध्यम से जहाज़ भेजना जोखिम भरा है"। कई जहाज़ अब अपनी स्थिति गुप्त रख रहे हैं, जिससे ट्रैफिक का सटीक आँकड़ा निकालना कठिन हो रहा है। कुछ जहाज़ उत्तरी मोर्चे से ईरानी जल में और दक्षिणी मोर्चे से ओमानियन जल में वैकल्पिक मार्ग अपनाते हैं।
भविष्य की संभावनाएँ
ऑक्सफ़र्ड इकोनॉमिक्स के बेन मे ने कहा कि शांति समझौता "असमान रह सकता है" और दोनों पक्ष अभी भी युद्ध‑पथ पर लौट सकते हैं। वहीं, मैर्स्क और हैपाग‑लॉइड जैसी बड़ी शिपिंग कंपनियों ने स्यूज़ नहर में सेवाओं को धीरे‑धीरे फिर से शुरू करने की योजना बताई, लेकिन होरमुज़ में बढ़ते तनाव से यह पुनरारंभ फिर से खतरे में पड़ सकता है।
आधारभूत रूप से, तेल बाजार की अस्थिरता और समुद्री मार्गों की सुरक्षा आपस में जुड़े हुए हैं। यदि तनाव जारी रहता है, तो वैश्विक ऊर्जा कीमतें और अधिक बढ़ सकती हैं, जिससे विकासशील economies में महंगाई के दबाव बढ़ेंगे।