अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि इराक में इरान के खिलाफ नई हवाई स्ट्राइक की तैयारी चल रही है, जो होर्मुज़ जलमार्ग में वाणिज्यिक जहाज़ों पर हुए हमलों के बाद की प्रतिक्रिया है। यह बयान मौजूदा युद्धविराम को और कमजोर कर रहा है और तेल की कीमतों में तेज़ी लाया है।
संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एंकारा में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान कहा कि इरान के खिलाफ नई हवाई स्ट्राइक की तैयारी जारी है। यह बयान इराक के होर्मुज़ जलमार्ग में वाणिज्यिक जहाज़ों पर हुए हालिया हमलों के बाद आया, जिनमें तीन टैंकरों को नुकसान पहुँचा था। ट्रम्प ने बताया कि अमेरिकी बलों ने "पिछली रात" इरान के वायुदुर्घटनात्मक सिस्टम, रडार और 60 से अधिक छोटे नौकाओं को निशाना बनाते हुए जवाबी कार्रवाई की।
पृष्ठभूमि और रणनीतिक महत्व
होर्मुज़ जलमार्ग विश्व के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है; यहाँ से वैश्विक तेल और प्राकृतिक गैस का लगभग एक पाँचवा हिस्सा गुजरता है। 2024 में शुरू हुई यूक्रेन‑रूस संघर्ष के बाद, इस जलमार्ग की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ा था। इरान ने इस जलमार्ग को रणनीतिक हथियार बनाते हुए, शिपिंग को बाधित करने के लिए रिवॉल्यूशनरी गार्ड की छोटी नौकाओं का उपयोग किया। अमेरिकी सैन्य कमांड ने इस रणनीति को "अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में नागरिक जहाज़ों को निशाना बनाने" के रूप में निंदा की।
ताज़ा घटनाक्रम
23 जुलाई को हुई पहली हवाई स्ट्राइक के बाद, इरानी बलों ने खाड़ी में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर प्रतिहिंसा की। इसके जवाब में बहरैन और कुवैत ने मिसाइल अलर्ट जारी किया, जबकि कुवैत ने दो बैलिस्टिक मिसाइल और 13 ड्रोन को रोकने की घोषणा की। इस बीच, इरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बघर गलिबाफ ने ट्विटर (X) पर कहा, "धमकियों और जबरनियों का दौर समाप्त हो गया है, यह कोई समाधान नहीं लाता।"
संभावित परिणाम और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
ट्रम्प ने कहा कि युद्धविराम "वास्तव में समाप्त" हो चुका है, हालांकि वे बातचीत को जारी रखने की संभावना रखते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान से शांति प्रक्रिया में आगे की बाधा उत्पन्न होगी और क्षेत्रीय स्थिरता को खतरा बढ़ेगा। इरान के भीतर हार्डलाइन एवं रियालिस्ट समूहों के बीच मतभेद स्पष्ट हो रहा है; जहाँ एक पक्ष जलमार्ग पर नियंत्रण को स्थायी बनाना चाहता है, वहीं दूसरा आर्थिक राहत के लिये शांति समझौते की वकालत करता है।
वैश्विक तेल बाजारों पर असर
ट्रम्प के बयान के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत में 5% से अधिक की उछाल देखी गई। यदि इरान जलमार्ग के शुल्कों को लागू करता है या शिपिंग में व्यवधान पैदा करता है, तो तेल की आपूर्ति में कमी और कीमतों में निरंतर उछाल की संभावना है। यह स्थिति वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक बड़ा जोखिम बनती जा रही है, विशेषकर यूरोप और एशिया में जहाँ आयातित तेल पर निर्भरता अधिक है।
समग्र रूप से, अमेरिकी‑इरानी तनाव का बढ़ना न केवल मध्य पूर्व में बल्कि पूरी दुनिया में आर्थिक, सुरक्षा और कूटनीतिक पहलुओं पर गहरा प्रभाव डालेगा। यह देखना बाकी है कि आगे की कूटनीतिक पहलकदमियां इस जोखिम को कम कर पाएंगी या नहीं।