सौरभ चंद्रकर, महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप के प्रमुख अपराधी, को ओमेन में पाया गया है और भारतीय अधिकारियों ने उसे एक्सट्राडिशन के लिए अनुरोध किया है। 6,000 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग केस में 4,336 करोड़ रुपये के कुल मूल्य की संपत्तियाँ जप्त की गई हैं।

ओमेन में पाई गई सौरभ चंद्रकर को भारतीय अधिकारियों ने 2023 से पकड़ने की कोशिश की है। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप के प्रमुख अपराधी माने जाने वाले चंद्रकर ने 2018 में रवि अप्पल के साथ मिलकर यह प्लेटफ़ॉर्म स्थापित किया, जिसे बाद में 6,000 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग और जुआ अपराध के लिए जांच का विषय बनाया गया।

संपत्ति पर कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय जाँच

मार्च 2026 में आर्थिक अपराध विभाग ने चंद्रकर के नाम पर 1,700 करोड़ रुपये की मूल्य वाली संपत्तियों को जप्त कर लिया, जिसमें दुबई के बर्ज़ ख़लीफ़ा सहित प्रीमियम अपार्टमेंट और लग्ज़री विला शामिल थे। साथ ही, 4,336 करोड़ रुपये के कुल मूल्य वाली अचल संपत्तियों को भी प्रॉविज़नल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत जमीनी स्तर पर जप्त किया गया।

ओमेन से बाहर निकलने की कोशिश

हाल ही में पता चला कि चंद्रकर ओमेन में रह रहा है, जहाँ भारतीय कांसुलेट को गिरफ्तारी वॉरंट और एक्सट्राडिशन पत्र भेजे गए हैं। फ्यूजिटिव इकॉनमीक ऑफ़ेंडर्स एक्ट के तहत चंद्रकर, रवि अप्पल और विकास चापरिया को फ्यूजिटिव के रूप में घोषित करने के लिए आवेदन चल रहा है।

अन्य प्रमुख संदिग्ध और वैश्विक नेटवर्क

चंद्रकर के अलावा, रवि शंकर दिबरेवाल, अमित अग्रवाल और रवि अप्पल जैसे नाम भी विदेश में माने जाते हैं। चंद्रकर के पास भारतीय और वानुआतु दोनों पासपोर्ट होने के कारण, अंतरराष्ट्रीय दूतावासों के बीच समन्वय और कानूनी प्रक्रियाएँ जटिल हो गई हैं।

भविष्य की दिशा और कानूनी चुनौतियाँ

भारत-ओमेन के बीच एक्सट्राडिशन समझौते के बावजूद, ओमेन की कानूनी प्रक्रियाएँ और राजनीतिक इच्छाशक्ति पर निर्भर करती है। यदि चंद्रकर को भारत वापस लाया जाता है, तो यह एक मिसाल कायम कर सकता है कि विदेशी नागरिकों के खिलाफ भी भारतीय कानून लागू किया जा सकता है।