भारत और न्यूज़ीलैंड ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में उन्नत किया, 2030 तक वार्षिक व्यापार को NZ$7 अर्ब (लगभग ₹35 हज़ार करोड़) तक दोगुना करने का लक्ष्य रखा। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग और इंडो‑पैसिफिक क्षेत्र में व्यापक सहयोग को भी सुदृढ़ करने का आश्वासन दिया।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • भारत‑न्यूज़ीलैंड रणनीतिक साझेदारी में प्रवेश, 2030 तक व्यापार लक्ष्य NZ$7 अर्ब
  • समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग और खेल में नए समझौते
  • इंडो‑पैसिफिक में मुक्त, खुले और समृद्ध क्षेत्र की प्रतिबद्धता

नई ज़ीलैंड की राजधानी ऑकलैंड में 11 जुलाई 2026 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफ़र लक्सन के बीच हुए उच्च‑स्तरीय वार्तालाप ने दोनों देशों के संबंधों को एक नई ऊँचाई पर पहुंचाया। दो देशों ने रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को वर्तमान के लगभग दो गुना बढ़ाकर NZ$7 अर्ब (लगभग ₹35 हज़ार करोड़) करने का लक्ष्य निर्धारित किया। यह लक्ष्य भारत‑न्यूज़ीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के शीघ्र कार्यान्वयन और निवेश को तेज करने के साथ जुड़ा है।

पृष्ठभूमि और प्रमुख समझौते

भूतपूर्व में भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच व्यापारिक संबंध तुलनात्मक रूप से सीमित रहे हैं, वार्षिक व्यापार लगभग ₹18 हज़ार करोड़ है। हाल के FTA ने धातु, कृषि, और सेवा क्षेत्रों में टैरिफ़ में कमी का मार्ग प्रशस्त किया, जिससे दोनों पक्षों को आर्थिक सहयोग के नए द्वार खुले। वार्ता के दौरान 18 ठोस परिणाम हासिल हुए, जिनमें 10 समझौतों पर हस्ताक्षर शामिल हैं, और अगले चार वर्षों के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया गया।

समुद्री सुरक्षा और इंडो‑पैसिफिक सहयोग

समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों ने हाइड्रोग्राफिक डेटा साझा करने, पारस्परिक नौसैनिक लॉजिस्टिक्स और इंडो‑पैसिफिक में समुद्री सहभागिता को मजबूत करने पर समझौता किया। एक संयुक्त समुद्री सुरक्षा संवाद और आतंकवाद विरोधी कार्य समूह की स्थापना को भी मंजूरी मिली। यह कदम चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों और क्षेत्रीय तनावों के बीच भारत‑न्यूज़ीलैंड के सामरिक सहयोग को सुदृढ़ करने का संकेत है।

खेल, आतंकवाद विरोधी और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग

खेल में उच्च प्रदर्शन, विज्ञान, चिकित्सा और एथलीट विकास को बढ़ावा देने के लिए एक संयुक्त कार्य योजना तैयार की गई। आतंकवाद विरोधी सहयोग के तहत सीमा‑पार आतंकवाद के वित्त पोषण और आश्रयों को खत्म करने के लिए "शून्य‑सहनशीलता" की नीति अपनाने का संकल्प लिया गया। दोनों नेता यूक्रेन के संघर्ष, मध्य पूर्व के तनाव और संयुक्त राष्ट्र के सुधार, विशेषकर सुरक्षा परिषद के विस्तार, जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी एकमत हुए।

भविष्य की संभावनाएँ

नई ज़ीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में USD 20 अर्ब का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है, जिससे दोनों देशों के बीच निवेश प्रवाह तेज होगा। इस रणनीतिक साझेदारी से न केवल आर्थिक लाभ बल्कि इंडो‑पैसिफिक में एक स्थिर, खुला और नियम‑आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को भी प्रोत्साहन मिलेगा।