इरान और ओमान ने हालिया जहाज़ों पर हमले के बाद स्ट्रेट ऑफ़ होरमज़ को खुला रखने के उपायों पर बातचीत की। अमेरिकी‑इरानी तनाव और नई इरानी नेतृत्व की घोषणा ने अंतरिम समझौते को और तनावपूर्ण बना दिया है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- इरान‑ओमान ने होरमज़ जलमार्ग की सुरक्षा हेतु तकनीकी एवं राजनैतिक वार्ता जारी रखी।
- अमेरिका ने इरान को जलमार्ग खुला रखने का सार्वजनिक बयान देने को कहा, जबकि इरान ने अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।
- नई इरानी सर्वोच्च नेता ने अपने पिता की हत्या का बदला लेने की घोषणा की, जिससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ा।
दुबई में स्थित इरान‑ओमान के राजनयिक प्रतिनिधियों ने शनिवार को स्ट्रेट ऑफ़ होरमज़ की खुली स्थिति को सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत चर्चा की। यह बैठक कई दिनों से चल रहे इरानी जहाज़ों पर हमले और अमेरिकी प्रतिक्रिया के बाद आयोजित की गई, जो दोनों पक्षों के बीच मौजूदा अंतरिम युद्ध समझौते को कसौटी पर खड़ा कर रही है। ओमान ने कहा कि दोनों देशों ने जलमार्ग को "तकनीकी और राजनैतिक स्तरों" पर लगातार बातचीत के माध्यम से सुरक्षित रखने का संकल्प किया है।
पृष्ठभूमि और रणनीतिक महत्व
होरमज़ जलमार्ग विश्व ऊर्जा व्यापार का एक प्रमुख कड़ी है; पूर्व युद्ध के समय लगभग 20% तेल और प्राकृतिक गैस इस संकरी जलधारा से गुजरती थी। इरान ने युद्ध की शुरुआत से ही इस मार्ग को अपने नियंत्रण में रखने और शिपिंग शुल्क वसूल करने का अधिकार दावा किया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसे सार्वभौमिक जलमार्ग मानता है। अमेरिकी दबाव के तहत जहाज़ों को ओमान के जलक्षेत्र के माध्यम से दक्षिणी मार्ग अपनाने की सलाह दी जा रही है, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक तनाव और बढ़ गया है।
नया इरानी नेतृत्व और बयान
इरान के नए सर्वोच्च नेता, मोस्तफ़ा ख़ामेनेई ने अपने पिता, आयतुल्ला अली ख़ामेनेई की शहादत के बाद पहला सार्वजनिक बयान दिया। उन्होंने कहा कि इरानी जनता अपने पिता की हत्या का बदला लेगी, यह बयान न केवल घरेलू गुस्से को दर्शाता है बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इरान की कूटनीति को भी प्रभावित करता है। इसी बीच, इरानी विदेश मंत्री अब्बास अरघ़ी ने ओमान के साथ “शिपिंग की सुरक्षित पारगमन के लिए उचित तंत्र” स्थापित करने पर चर्चा की और अमेरिकी प्रतिबंधों को अंतरिम समझौते का उल्लंघन बताया।
संयुक्त राज्य की प्रतिक्रिया और संभावित जोखिम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इरान को “हत्यारे” कहते हुए कई मिसाइल तैयार होने का दावा किया, जिससे संभावित सैन्य टकराव की आशंकाएँ बढ़ी हैं। इरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हाल ही में इरान के भीतर हुए हमलों में 17 लोग मारे गये और 115 घायल हुए। इस बीच, इज़राइल ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या खाड़ी के अरब देशों ने इरान को रोकने के लिए छिपे तौर पर कार्य किया है।
आगे का मार्ग
होरमज़ जलमार्ग, अंतरिम युद्ध समझौता और व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष अब एक नई जटिलता के दौर में प्रवेश कर चुके हैं। इरान‑ओमान की निरंतर वार्ता यह संकेत देती है कि दोनों देश अपनी आर्थिक और रणनीतिक हितों को संरक्षित करने के लिए कूटनीतिक समाधान की तलाश में हैं, जबकि अमेरिकी‑इरानी संबंधों में नई उबालें फिर से परस्पर आरोप-प्रत्यारोप को भड़का रही हैं।