विदेश मंत्रालय ने ओमान के तट के पास ‘GFS गैलेक्सी’ जहाज़ पर हुए हमले की कड़ी निंदा की। 11 भारतीय नागरिकों में से 10 बचाए गए, जबकि एक अभी भी लापता है और खोज जारी है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- ओमान के तट के पास ‘GFS गैलेक्सी’ पर हमला हुआ
- 11 भारतीय सवार, 10 बचाए गए, 1 अभी लापता
- भारत और ओमान मिलकर सर्च‑रेस्क्यू में सहयोग कर रहे हैं
नई दिल्ली, 12 जुलाई 2026 – भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने ओमान के समुद्री सीमा के निकट वाणिज्यिक जहाज़ GFS गैलेक्सी पर हुए हमले की तीव्र निंदा की। इस हमले में 11 भारतीय नागरिक सवार थे, जिनमें से 10 को बचा लिया गया, जबकि एक व्यक्ति अभी भी लापता है।
हमले की त्वरित प्रतिक्रिया
घटना के बाद ही ओमान के तटीय सुरक्षा बलों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया। भारतीय दूतावास ने स्थिति की बारीकी से निगरानी की और ओमान के अधिकारियों के साथ मिलकर सर्च‑रेस्क्यू ऑपरेशन का समन्वय किया। भारत ने इस कठिन समय में ओमान के सहयोग के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।
भारत‑ओमान द्विपक्षीय सहयोग का महत्व
विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएँ अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही हैं। दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करने और वाणिज्यिक जहाज़ों के निरंतर संचालन को सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
क्षेत्रीय तनाव और भविष्य की चुनौतियाँ
ओमान के निकट इस हमले को मध्य‑पूर्व में बढ़ते भू‑राजनीतिक तनाव का हिस्सा माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह के हमलों को रोका नहीं गया तो वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। भारत ने सभी पक्षों से अपील की है कि क्षेत्रीय तनाव को शीघ्र डि‑एस्केलेट किया जाए और शांति‑पूर्ण समाधान की ओर कदम बढ़ाए जाएँ।
आगे का रास्ता
भारत सरकार ने कहा कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा मंचों पर इस मुद्दे को उठाएगी। साथ ही, ओमान के साथ मिलकर लापता भारतीय की त्वरित खोज और बचाव को प्राथमिकता दी जाएगी।