एक नई चेनएनालिसिस रिपोर्ट के अनुसार, रूस, ईरान और उत्तर कोरिया ने 2025 में लगभग $104 बिलियन की क्रिप्टो लेन‑देनों के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों को बायपास किया। यह आंकड़ा प्रतिबंधित संस्थाओं द्वारा डिजिटल एसेट्स के बढ़ते उपयोग को उजागर करता है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • 2025 में प्रतिबंधित इकाइयों द्वारा $104 बिलियन क्रिप्टो लेन‑देन
  • रूबल‑समर्थित स्थिरकोइन A7A5 का उपयोग प्रमुख भुगतान साधन के रूप में
  • ईरान के आईआरजीसी और उत्तर कोरिया की साइबर चोरी की बढ़ती भूमिका

चेनएनालिसिस की 2026 की क्रिप्टो‑क्राइम रिपोर्ट ने दिखाया है कि रूस, ईरान और उत्तर कोरिया ने पारंपरिक वित्तीय प्रणाली से बाहर निकलते हुए, डिजिटल मुद्राओं का उपयोग करके प्रतिबंधों को बायपास किया। रिपोर्ट के अनुसार, इन देशों ने 2025 में लगभग $104 बिलियन (लगभग ₹9.92 लाख करोड़) की क्रिप्टो लेन‑देन की, जिससे प्रतिबंधित इकाइयों की वित्तीय लचीलापन स्पष्ट होता है।

डिजिटल एसेट्स का बढ़ता महत्व

पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों के मद्देनज़र, ब्लॉकचेन‑आधारित लेन‑देन एक वैकल्पिक मार्ग बन गया है। जबकि पारंपरिक बैंकों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करना पड़ता है, क्रिप्टोकरेंसी की विकेंद्रीकृत प्रकृति इन्हें ट्रैक करना कठिन बनाती है, जिससे प्रतिबंधित राज्य और उनके सहयोगी संस्थाएँ फंड ट्रांसफ़र में सुविधा पाते हैं।

रूबल‑समर्थित स्थिरकोइन A7A5 की भूमिका

रिपोर्ट में 2024 में लॉन्च हुए A7A5 नामक रूबल‑बैक्ड स्थिरकोइन का उल्लेख किया गया है, जिसके लेन‑देन 2025 में $93.3 बिलियन तक पहुँच गए। यह टोकन रूसी व्यवसाय और प्रतिबंधित इकाइयों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में प्रवेश का प्रमुख साधन बन गया है, जबकि कई एक्सचेंज को पश्चिमी सरकारों द्वारा प्रतिबंधित किया जा चुका है।

ईरान के आईआरजीसी का विस्तार

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने भी क्रिप्टो एसेट्स को प्रतिबंध बायपास करने, तेल‑संबंधी लेन‑देन को सुगम बनाने और अन्य प्रतिबंधित वित्तीय गतिविधियों में उपयोग किया। 2025 की चौथी तिमाही में, आधे से अधिक ईरानी क्रिप्टो‑गतिविधियों को आईआरजीसी या उसके सहयोगियों से जोड़ा गया।

उत्तरी कोरिया की साइबर चोरी

उत्तरी कोरिया ने 2025 में सबसे अधिक क्रिप्टो चोरी की रिकॉर्ड स्थापित की, जिसमें प्योंगयांग‑आधारित हैकर समूह ने $2 बिलियन से अधिक डिजिटल एसेट्स चुराए। इस राशि का एक हिस्सा उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को फंड करने में उपयोग होने की संभावना है। विशेष रूप से, फरवरी 2025 में बायबिट एक्सचेंज से $1.5 बिलियन मूल्य के एथेरियम टोकन की चोरी को लाज़रुस ग्रुप से जोड़ा गया है।

भविष्य की चुनौतियाँ और नीति‑निर्देश

डिजिटल एसेट्स की पारदर्शिता के बावजूद, कई बार वॉलेट मालिकों की पहचान छिपी रहती है, विशेषकर जब लेन‑देन कई एक्सचेंज या प्राइवेसी‑सर्विसेज़ के माध्यम से होते हैं। रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने, क्रिप्टो‑एक्सचेंज पर कठोर नियमन लागू करने और ब्लॉकचेन‑डेटा विश्लेषण को बढ़ाने की सिफारिश की है, ताकि प्रतिबंध बायपास को रोकना संभव हो सके।