यमन के हुती समूह ने अँभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिसाइल और ड्रोन हमला किया, जिससे कई एयरलाइनों ने उड़ानें रद्द कर दीं। यह हमला यू‑ईरान संघर्ष के विस्तार का संकेत है और क्षेत्रीय सुरक्षा को नई चुनौती प्रदान करता है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • हुती समूह ने अँभा हवाई अड्डे पर मिसाइल‑ड्रोन हमला किया
  • flydubai, Saudia, flynas और Flyadeal सहित कई एयरलाइनों ने उड़ानें रद्द कीं
  • उड़ान रद्दीकरण के पीछे अमेरिकी‑ईरानी तनाव और सऊदी‑हुती प्रतिद्वंद्विता है

यमन के इरान‑समर्थित हुती समूह ने सोमवार देर रात सऊदी अरब के अँभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को लक्षित किया, जिससे मिसाइल और ड्रोन के प्रहार हुए। इस हमले के बाद flydubai, Saudia, flynas और Flyadeal सहित कई प्रमुख एयरलाइनों ने अँभा के भीतर और बाहर की उड़ानों को रद्द कर दिया, जिससे यात्रियों को असुविधा और आर्थिक नुकसान हुआ।

पृष्ठभूमि और कारण

हुई समूह ने इस कार्रवाई को सऊदी अरब द्वारा सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर किए गए हवाई हमलों के जवाब में बताया। पिछले साल संयुक्त राष्ट्र द्वारा बंधे 2022 के शांति समझौते के बाद सऊदी‑हुई संघर्ष कम हुआ था, परन्तु अमेरिकी‑ईरानी तनाव के तेज होने से इस क्षेत्र में शत्रुता फिर से बढ़ी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इरान के हार्मुज जलडमरूमध्य पर नई नौका ब्लॉकेड की घोषणा की थी, जिस पर ईरान ने यूएस के सहयोगियों पर प्रतिक्रिया स्वरूप कई हवाई हमले किए।

हवाई अड्डे पर प्रत्यक्ष प्रभाव

सऊदी की एयर रक्षा प्रणाली ने दक्षिणी क्षेत्र में आने वाली बैलेस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया, जिससे कोई मानव हताहत नहीं हुआ। हालांकि, अँभा हवाई अड्डे का अस्थायी बंद होना कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को बाधित कर गया। Khaleej Times के अनुसार, flydubai ने दुबई‑अँभा के दो नियमित उड़ानें (10:25 एएम और 4:05 पीएम) रद्द कर दीं और एक उड़ान को तैफ़ में मोड़ दिया। Saudia ने अँभा‑रियाद और अँभा‑जेद्दा के बीच की उड़ानों को निलंबित कर दिया, जबकि flynas और Flyadeal ने जेद्दा की कई सेवाओं को भी रद्द कर दिया।

क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव

यह घटना पश्चिम एशिया में तनाव के एक नए चरण का संकेत देती है। भारत ने पहले ही स्ट्रेट ऑफ़ हार्मुज में दो भारतीय समुद्री जहाजों पर ईरानी हमले के बाद अपने समुद्री कर्मियों को नुकसान के रूप में खोया है, जिससे नई कूटनीतिक चेतावनी जारी की गई। भारत की विदेश मंत्रालय ने ईरान के उपराजदूत को बुलाया और शिपिंग पर हमलों को तत्काल रोकने का आग्रह किया।

आगे की संभावनाएँ

सऊदी अरब की हवाई रक्षा प्रणाली ने इस हमले को निरस्त किया, परन्तु भविष्य में इसी तरह के प्रहारों की संभावना बनी हुई है। एयरलाइनों को अपने मार्गों की निरंतर समीक्षा करनी पड़ेगी, और यात्रियों को उड़ान स्थितियों की पुष्टि करने की सलाह दी जाती है। साथ ही, समुद्री व्यापार पर भी निरंतर निगरानी आवश्यक होगी, क्योंकि यूएस‑ईरान के बीच की प्रतिद्वंद्विता समुद्री मार्गों को भी खतरे में डाल सकती है।