संयुक्त राज्य ने इरान के बंदरगाहों और तटवर्ती क्षेत्रों पर नौसैनिक नाकाबंदी फिर से लागू कर दी और होर्मुज जलडमरूमध्य में इरानी सैन्य क्षमताओं के खिलाफ चौथे निरंतर दिन के हमले किए। इस कदम से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में तनाव बढ़ा है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • इंटरमीडिएट समझौते के बाद यूएस ने इरान के बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी फिर से शुरू की।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी बलों ने इरान की शिपिंग-आक्रमण क्षमताओं को निशाना बनाते हुए लगातार चौथे दिन हमले किए।
  • मध्य पूर्व में यूएस की सेना अब 20 से अधिक युद्धपोतों और सैकड़ों विमानों के साथ विस्तारित हो गई है।

अमेरिकी सेना ने मंगलवार दोपहर 4 बजे ईस्टर्न टाइम (ET) पर इरान के बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी फिर से लागू कर दी, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य में फिर से एक नई हवाई-समुद्री हमला श्रृंखला शुरू की। यूएस सेंट्रल कमांड (Centcom) ने बताया कि यह कार्रवाई इरान द्वारा वाणिज्यिक जहाजों पर किए गए हमलों के जवाब में की गई है, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति और बढ़ गई है।

पृष्ठभूमि और रणनीतिक महत्व

होर्मुज जलडमरूमध्य, जो खाड़ी के फ़ारस को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है, विश्व ऊर्जा परिवहन का एक महत्वपूर्ण कड़ी है। युद्ध से पहले इस जलडमरूमध्य से लगभग 20% वैश्विक कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति गुजरती थी। अप्रैल में मध्यस्थता के तहत स्थापित अंतरिम युद्धविराम के बाद यूएस ने अस्थायी रूप से नाकाबंदी को हटाया था, परन्तु इरान-यूएस के बीच लगातार दुश्मनी ने इस समझौते को कमजोर कर दिया।

नवीनतम अमेरिकी हमले

Centcom ने बताया कि आज दोपहर 3 बजे इरान के खिलाफ अतिरिक्त हवाई हमले किए गए, जिनका उद्देश्य इरान की समुद्री क्षमताओं को कमजोर करना था, विशेषकर वे क्षमताएँ जो होर्मुज में शिपिंग को लक्ष्य बनाती हैं। इरानी राज्य मीडिया ने बैंडर अब्बास, सिरिक, कश्म द्वीप और अहवाज़ में विस्फोट की रिपोर्ट की, जिन्हें अमेरिकी हमले कहा गया। इन हमलों का लक्ष्य इरान की समुद्री खतरे को कम करना और वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना बताया गया है।

क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव

यूएस की इस नई नाकाबंदी और लगातार हवाई-समुद्री हमले से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ने की संभावना है। यदि इरान प्रतिक्रिया में बड़े पैमाने पर हवाई या समुद्री काउंटर-हिट्स शुरू करता है, तो यह न केवल मध्य पूर्व में बल्कि वैश्विक शिपिंग मार्गों में भी व्यापक व्यवधान पैदा कर सकता है। इसके अलावा, इस स्थिति से अमेरिका के मध्य पूर्वी सहयोगियों, विशेषकर खाड़ी के देशों के साथ रणनीतिक समन्वय को भी चुनौती मिल सकती है।

राजनीतिक दृष्टिकोण

डोनाल्ड ट्रम्प राष्ट्रपति ने नाकाबंदी को पुनर्स्थापित करने का ऐलान किया, इसे “होर्मुज जलडमरूमध्य का संरक्षक” बनने के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने पहली बार 20% शुल्क लगाने की योजना की थी, पर बाद में खाड़ी के सहयोगियों के सुझाव पर इसे निवेश समझौते में बदल दिया। इस तरह के आर्थिक-रणनीतिक कदम दर्शाते हैं कि यूएस इस क्षेत्र में अपने प्रभाव को आर्थिक निवेश के माध्यम से बनाए रखने की कोशिश कर रहा है, न कि केवल सैन्य बल के प्रयोग से।

कुल मिलाकर, इरान-यूएस के बीच बढ़ते तनाव और निरंतर सैन्य कार्रवाई विश्व स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिए बड़ी चुनौती प्रस्तुत करती है।