अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चुनावी एजेंडे को फेडरल जज इंदिरा तलवानी से बड़ा झटका लगा है। जज ने ट्रंप के उस आदेश को असंवैधानिक करार देते हुए रोक लगा दी है, जो मिडटर्म चुनावों में वोटिंग नियमों को बदलने की कोशिश कर रहा था।
मुख्य बातें
- जज इंदिरा तलवानी ने डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकारी आदेश के प्रमुख हिस्सों को ब्लॉक कर दिया है।
- अदालत ने कहा कि चुनाव नियमों को नियंत्रित करने का अधिकार राष्ट्रपति के पास नहीं, बल्कि राज्यों और कांग्रेस के पास है।
- यह आदेश मिडटर्म चुनावों से पहले वोटर लिस्ट और मेल-इन बैलेट के नियमों को बदलने के लिए लाया गया था।
अमेरिका में आगामी नवंबर के मिडटर्म चुनावों से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी फेडरल जज इंदिरा तलवानी, जो भारतीय मूल की हैं, ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक विवादित कार्यकारी आदेश पर रोक लगा दी है। इस आदेश का उद्देश्य संघीय स्तर पर योग्य मतदाताओं की सूची तैयार करना और मेल-इन बैलेट की डिलीवरी के लिए नए नियम लागू करना था।
क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह फैसला अमेरिकी लोकतंत्र और शक्तियों के पृथक्करण (Separation of Powers) के सिद्धांत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ट्रंप प्रशासन का तर्क था कि ये कदम गैर-नागरिकों के मतदान को रोकने और चुनावी प्रक्रिया को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक हैं। हालांकि, अदालत ने इसे असंवैधानिक माना।
चुनावों को नियंत्रित करने की शक्ति राष्ट्रपति की नहीं, बल्कि संविधान के तहत राज्यों और कांग्रेस के पास है।
जज तलवानी ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति के पास चुनावी प्रक्रिया को बदलने का विधायी अधिकार नहीं है। यह ट्रंप प्रशासन के लिए एक और बड़ा झटका है, क्योंकि इससे पहले भी जून में उन्होंने 23 राज्यों की याचिकाओं पर इसी तरह के आदेशों को रोका था।
कौन हैं जज इंदिरा तलवानी?
इंदिरा तलवानी अमेरिकी फेडरल कोर्ट की एक प्रतिष्ठित जज हैं, जो मैसाचुसेट्स डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में तैनात हैं। उनका जन्म न्यू जर्सी में हुआ था और उनके पिता माणिक तलवानी पंजाब के जालंधर के पास तलवन गांव से ताल्लुक रखते थे। उन्होंने कैलिफोर्निया बर्कले से कानून की पढ़ाई की है और उन्हें 2013 में बराक ओबामा द्वारा नामित किया गया था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. जज ने ट्रंप के आदेश को क्यों रोका?
अदालत के अनुसार, राष्ट्रपति के पास चुनाव नियमों को बदलने का संवैधानिक अधिकार नहीं है; यह अधिकार राज्यों और कांग्रेस के पास है।
2. इस आदेश का मुख्य उद्देश्य क्या था?
ट्रंप प्रशासन का लक्ष्य वोटर लिस्ट को नियंत्रित करना और मेल-इन बैलेट की प्रक्रिया को बदलना था ताकि कथित चुनावी गड़बड़ियों को रोका जा सके।