वेस्ट बैंक के कुसरा गांव में इजरायली सैन्य अभियान के दौरान दर्जनों फिलिस्तीनी परिवारों को अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। यह घटना तब हुई जब इजरायली बसने वालों (settlers) ने स्थानीय परिवारों को घेरा हुआ था।

मुख्य बातें

  • कुसरा गांव को सैन्य क्षेत्र घोषित किया गया है।
  • इजरायली बसने वालों ने परिवारों की बिजली और पानी काट दिया था।
  • फिलिस्तीनी निवासियों ने घर में लूटपाट और तोड़फोड़ का आरोप लगाया है।
  • अमेरिकी राजदूत ने इस घटना को 'आतंक का भयानक कृत्य' बताया है।

वेस्ट बैंक के कुसरा गांव से एक चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है, जहां इजरायली सेना के एक ऑपरेशन के दौरान लगभग एक दर्जन फिलिस्तीनी परिवारों को उनके घरों से बाहर निकलने का आदेश दिया गया। यह कार्रवाई तब शुरू हुई जब इजरायली बसने वालों (settlers) ने इलाके के तीन घरों को घेर लिया था और निवासियों की बिजली और पानी की आपूर्ति काट दी थी।

कुसरा के मेयर, अब्देल अजीम वादी ने बीबीसी को बताया कि पूरे गांव को 'बंद सैन्य क्षेत्र' घोषित कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इजरायली सेना खाली कराए गए फिलिस्तीनी घरों का उपयोग अपने बैरक के रूप में कर रही है। हालांकि, इजरायली सेना का कहना है कि इस ऑपरेशन का उद्देश्य निवासियों की सुरक्षा करना था।

क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि वेस्ट बैंक में इजरायली बसने वालों की बढ़ती हिंसा और सैन्य हस्तक्षेप के बीच स्थानीय आबादी के लिए जीवन अत्यंत कठिन होता जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सभी बस्तियां अवैध हैं, लेकिन वर्तमान सरकार के तहत इनके विस्तार से संघर्ष और गहरा गया है।

इजरायली बसने वालों की बढ़ती निर्लज्जता और सैन्य प्रतिक्रिया की विफलता वेस्ट बैंक में अस्थिरता को बढ़ा रही है।

घटना के दौरान, काहेर ओदेह नामक एक निवासी ने बताया कि लगभग 20 से 30 सैनिकों ने उनके घर का दरवाजा तोड़कर उन्हें बाहर निकाल दिया। कुछ परिवारों को 10 घंटे बाद घर लौटने की अनुमति दी गई, लेकिन उन्होंने पाया कि उनके घरों में लूटपाट की गई है और फ्रिज से खाना बाहर फेंक दिया गया है। एक व्यक्ति ने दावा किया कि $1,500 की नकदी भी चोरी हो गई है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियों का विस्तार दशकों से जारी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इन्हें अवैध मानता है, लेकिन इजरायली सरकार के तहत बस्तियों के विस्तार में तेजी आई है, जिससे फिलिस्तीनियों के अपनी जमीन से बेदखल होने का खतरा बढ़ गया है।

क्या आप जानते हैं?: अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार, कब्जे वाले क्षेत्रों में बस्तियों का निर्माण करना अवैध माना जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: कुसरा गांव में क्या हुआ था?
उत्तर: इजरायली बसने वालों द्वारा परिवारों को घेरने के बाद, इजरायली सेना ने गांव में सैन्य ऑपरेशन चलाया, जिससे कई परिवारों को अपने घरों से हटना पड़ा।

प्रश्न 2: अमेरिकी सरकार की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?
उत्तर: अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने बसने वालों के इस व्यवहार को 'आतंक का भयानक कृत्य' और 'घिनौना' बताया है।