मधु शाह ने अपने समुद्र‑समुख मुंबई घर की विस्तृत झलक दी, जहाँ प्राचीन सजावट, चीनी बिस्तर और 53 विभिन्न देशों की चाय की कुड़ियों का संग्रह दिखता है। घर में आध्यात्मिक चित्र, एंटीक फर्नीचर और आत्मनिर्मित इंटीरियर डिज़ाइन का अनूठा मिश्रण दर्शाया गया।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- मधु शाह के समुद्र‑समुख घर में 53 विश्व‑भर की चाय की कुड़ियां हैं
- इंटीरियर डिज़ाइन का श्रेय पति और सास को जाता है, न कि पेशेवर डिज़ाइनर को
- विन्टेज, चीनी बिस्तर और आध्यात्मिक कला का संयोजन घर को विशिष्ट बनाता है
मुंबई के समुद्र‑समुख इलाके में स्थित मधु शाह का पारिवारिक घर, एक सच्ची जीवन‑शैली की कहानी कहता है। 1999 में विवाह के बाद इस घर में प्रवेश करने वाली अभिनेत्री ने अपने पति, सास और दो बच्चों के साथ यहाँ एक दशक‑से अधिक समय बिताया है। घर की उम्र कई दशकों की है, फिर भी यह आधुनिक सुविधाओं की तुलना में अधिक आराम और गर्मी प्रदान करता है, जैसा कि वह स्वयं बताती हैं।
विन्टेज माहौल और चीनी बिस्तर
घर का प्रवेश द्वार आध्यात्मिक चित्रों से सजा है; गजेरु के पौराणिक भगवान की पेंटिंग मेहमानों का स्वागत करती है, जबकि बौद्ध, मैरी और स्वर्गदूत की पेंटिंग्स विविध धार्मिक विश्वासों को प्रतिबिंबित करती हैं। लिविंग रूम में क्रीम‑बेज़ रंग की पृष्ठभूमि पर लाल रंग के छोटे‑छोटे स्पर्श नज़र आते हैं, जिससे कमरे में जीवंतता आती है। मुख्य आकर्षण है हॉल में रखा एक विशाल चीनी बिस्तर, जिसे मूल दो बिस्तरों में से एक को हटाकर जगह बढ़ाने के बाद स्थापित किया गया।
भोजन कक्ष और एंटीक सजावट
भोजन कक्ष में 12 लोगों तक बैठने की क्षमता है, जहाँ लाल भोजन कुर्सियाँ और एक एंटीक चीनी पत्थर की शोपीस मुख्य फोकस बनाते हैं। यह शोपीस, शिल्पकारिता की जटिलता को उजागर करती है, जिससे कमरे में जीवन का अहसास होता है। बड़े खिड़कियों से समुद्र का मनोहारी दृश्य और प्राकृतिक प्रकाश पूरे घर को उज्ज्वल बनाते हैं।
53 चाय की कुड़ियों का अनूठा संग्रह
घर की सबसे विशिष्ट वस्तु है 53 अलग‑अलग देशों से सास द्वारा संग्रहित चाय की कुड़ियां। प्रत्येक कुड़ी एक कहानी सुनाती है, जिससे घर में वैश्विक अभिज्ञान की भावना उत्पन्न होती है। इस संग्रह को तैयार करने में कोई पेशेवर इंटीरियर डिज़ाइनर शामिल नहीं था; बल्कि मधु के पति और सास ने व्यक्तिगत दृष्टिकोण से प्रत्येक कोना सजाया।
डिज़ाइन सिद्धांत और अधिकतमवाद की समझ
Beyond Designs के संस्थापक सचिन गुप्ता ने बताया कि अधिकतमवादी इंटीरियर में संतुलन बनाना क्रमबद्धता पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा, “हर कमरे में हम आँख की यात्रा को क्रमबद्ध करते हैं—पहला क्या देखे, दूसरा क्या खोजे, और अंत में क्या विश्राम करे।” टोन और सामग्री की संगति से कई सांस्कृतिक प्रभावों को एकसाथ रखने में मदद मिलती है, जिससे जगह व्यवस्थित और शान्तिपूर्ण महसूस होती है।