केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के दो प्रमुख शहरों, कोयंबटूर और मदुरै के लिए मेट्रो रेल परियोजना को दोबारा अस्वीकार कर दिया है। इसके बजाय, सरकार ने इन शहरों में बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (BRTS) लागू करने की सिफारिश की है।
मुख्य बिंदु
- केंद्र ने कोयंबटूर और मदुरै के लिए मेट्रो रेल की मांग को दूसरी बार खारिज किया।
- सरकार ने मेट्रो के बजाय बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (BRTS) का सुझाव दिया है।
- जनसंख्या का पैमाना और यात्रा के समय में बचत न होना मुख्य कारण बताए गए हैं।
- तमिलनाडु सरकार ने औद्योगिक और पर्यटन महत्व का हवाला देते हुए फिर से मांग की थी।
केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के दो महत्वपूर्ण शहरों, कोयंबटूर और मदुरै के लिए मेट्रो रेल नेटवर्क स्थापित करने के प्रस्ताव को एक बार फिर से ठुकरा दिया है। आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इन शहरों के लिए मेट्रो रेल के बजाय बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (BRTS) एक अधिक व्यावहारिक विकल्प होगा।
यह मामला तब गरमाया जब तमिलनाडु सरकार ने मई में केंद्र को एक विस्तृत पत्र लिखकर मेट्रो की आवश्यकता पर जोर दिया था। राज्य सरकार का तर्क था कि तमिलनाडु देश के सबसे शहरीकृत राज्यों में से एक है। कोयंबटूर एक प्रमुख औद्योगिक और पर्यटन केंद्र है, जबकि मदुरै एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र है, जिससे वहां 'फ्लोटिंग पॉपुलेशन' (आने-जाने वाले यात्री) की संख्या बहुत अधिक रहती है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह निर्णय?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि केंद्र सरकार का यह निर्णय बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 'लागत-लाभ विश्लेषण' (Cost-Benefit Analysis) पर आधारित है। मंत्रालय का मानना है कि इन शहरों में मेट्रो रेल से यात्रियों के समय की बचत में कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं आएगा।
मेट्रो रेल के लिए 2011 की जनगणना के अनुसार 20 लाख की जनसंख्या का मानदंड एक बड़ी बाधा बना हुआ है।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यदि BRTS को लागू किया जाता है, तो इसे 'एलिवेटेड' (ऊंचा) बनाया जा सकता है क्योंकि दोनों शहरों में सड़क स्तर पर निर्माण के लिए पर्याप्त जगह (Right-of-Way) की कमी है।
ऐतिहासिक संदर्भ
पिछले पांच वर्षों में, भारत के कई अन्य शहरों जैसे आगरा, भोपाल, पटना, जयपुर और इंदौर में मेट्रो रेल सिस्टम को सफलतापूर्वक लागू किया गया है। केंद्र का तर्क है कि इन शहरों की जनसांख्यिकीय और यातायात आवश्यकताएं कोयंबटूर और मदुरै से भिन्न हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. केंद्र ने मेट्रो प्रस्ताव को क्यों खारिज किया?
केंद्र के अनुसार, इन शहरों में मेट्रो से समय की बचत कम होगी और 2011 की जनगणना के अनुसार जनसंख्या का पैमाना भी पर्याप्त नहीं है।
2. BRTS क्या है?
बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम एक समर्पित बस लेन वाली प्रणाली है जो मेट्रो की तरह ही तेज और कुशल सार्वजनिक परिवहन प्रदान करती है।