कोझिकोड शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए 75 प्रशिक्षित ट्रैफिक वार्डन तैनात किए गए हैं। यह पहल पुलिस की मदद करने और प्रमुख जंक्शनों पर वाहनों के सुचारू प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए की गई है।

मुख्य बातें

  • कोझिकोड में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए 75 वार्डन तैनात।
  • NSS, NCC और अग्निशमन सेवा के स्वयंसेवकों को दिया गया प्रशिक्षण।
  • लक्ष्य: प्रमुख जंक्शनों पर ट्रैफिक जाम में 60% तक की कमी लाना।
  • वार्डन ट्रैफिक उल्लंघन का डिजिटल साक्ष्य भी जुटाएंगे।

कोझिकोड शहर के प्रमुख जंक्शनों पर यातायात के बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिला पुलिस प्रमुख (कोझिकोड सिटी) ए.पी. शौकतली के प्रस्ताव पर 75 ट्रैफिक वार्डन की एक विशेष टीम तैनात की गई है। इस पहल का उद्देश्य उन क्षेत्रों में वाहनों के प्रवाह को सुगम बनाना है जहाँ नियमित यातायात प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

यह परियोजना रोटरी कालीकट ईस्ट के 'माय सिटी, एक्सीडेंट-फ्री सिटी' अभियान के तहत कार्यान्वित की जा रही है। सड़क यातायात विनियमन समिति और सिटी ट्रैफिक प्रवर्तन इकाई के सहयोग से इस योजना को शुरू किया गया है। कोझिकोड दक्षिण के विधायक फयज़ल बाबू ने बुधवार शाम पुलिस क्लब में इस परियोजना का औपचारिक उद्घाटन किया।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि शहरीकरण के बढ़ते स्तर के साथ, पारंपरिक पुलिस बल के लिए हर चौराहे पर तैनात होना कठिन होता जा रहा है। वार्डनों की तैनाती से पुलिस अधिकारियों को नियम प्रवर्तन और गंभीर अपराधों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।

ट्रैफिक वार्डनों की तैनाती से प्रमुख भीड़भाड़ वाले बिंदुओं पर यातायात जाम में लगभग 60% की कमी आने की उम्मीद है।

इन वार्डनों का चयन NSS (नेशनल सर्विस स्कीम), NCC (नेशनल कैडेट कोर) और अग्निशमन सेवा के स्वयंसेवकों में से किया गया है। तैनात होने से पहले, उन्होंने जिला पुलिस मुख्यालय में चार दिवसीय गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा किया है। ये वार्डन न केवल यातायात को नियंत्रित करेंगे, बल्कि डिजिटल साक्ष्य एकत्र करके यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों की रिपोर्ट भी सौंपेंगे।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

कोझिकोड, केरल का एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, जहाँ की सड़कें अक्सर संकरी होने के कारण भारी वाहनों के दबाव को झेलने में असमर्थ रहती हैं। पिछले कुछ वर्षों में, अनियंत्रित पार्किंग और वन-वे नियमों के उल्लंघन के कारण शहर में जाम की समस्या गंभीर होती गई है।

क्या आप जानते हैं?: कोझिकोड के करप्पेरम्बा जंक्शन पर पांच प्रमुख सड़कें मिलती हैं, जो इसे शहर के सबसे जटिल ट्रैफिक पॉइंट्स में से एक बनाती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. इन वार्डनों का मुख्य कार्य क्या है?
इनका मुख्य कार्य यातायात प्रवाह को सुचारू बनाना और यातायात नियमों के उल्लंघन का डिजिटल साक्ष्य एकत्र करना है।

2. ये वार्डन कहाँ तैनात किए गए हैं?
इन्हें मालापराम्बा, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज और करप्पेरम्बा जंक्शन जैसे प्रमुख भीड़भाड़ वाले स्थानों पर तैनात किया गया है।