तेलंगाना के करीमनगर जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) के कार्यान्वयन में भारी गिरावट देखी जा रही है, जिससे मजदूरों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

मुख्य बातें

  • करीमनगर में रोजगार गारंटी योजना के तहत लक्ष्य के मुकाबले केवल 15% काम ही पूरा हो पाया है।
  • कर्मचारियों की हड़ताल और कृषि कार्यों के कारण ग्रामीण मजदूरों की भागीदारी में भारी कमी आई है।
  • वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित 15.20 लाख कार्य दिवसों के लक्ष्य को प्राप्त करना अब एक बड़ी चुनौती है।

करीमनगर, तेलंगाना: तेलंगाना के करीमनगर जिले से एक चिंताजनक रिपोर्ट सामने आ रही है, जहाँ ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) अपने निर्धारित लक्ष्यों से काफी पीछे चल रही है। इस वित्तीय वर्ष के शुरू होने के चार महीने बाद भी, जमीनी स्तर पर प्रगति नगण्य है, जिससे जिले के अधिकारियों और स्थानीय मजदूरों के बीच अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।

लक्ष्य और वास्तविकता के बीच बड़ी खाई

वर्ष 2026-27 के लिए प्रशासन ने 15.20 लाख कार्य दिवसों का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा था। योजना के अनुसार, इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रति माह औसतन 1.26 लाख कार्य दिवस पूरे होने चाहिए थे। हालांकि, वास्तविकता इसके ठीक विपरीत है। वर्तमान में, जिले में प्रतिदिन केवल 2,000 से 3,000 मजदूर ही काम के लिए आ रहे हैं, जिससे मासिक कार्य दिवसों की संख्या केवल 60,000 से 90,000 के बीच सिमट कर रह गई है।

क्यों संकट में है रोजगार योजना?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस गिरावट के पीछे कई जटिल कारण हैं। सबसे प्रमुख कारण कर्मचारियों की हड़ताल है। 27 जुलाई से एपीवीओ, जेई और अन्य अधिकारियों के वेतन संबंधी मांगों को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन ने प्रशासनिक निगरानी को कमजोर कर दिया है। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्यों की व्यस्तता के कारण भी मजदूर मनरेगा के बजाय अपने खेतों में काम करना पसंद कर रहे हैं।

प्रशासनिक विफलता और कृषि चक्र का तालमेल न बैठ पाना ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक गंभीर संकेत है।

आंकड़ों पर नजर डालें तो जुलाई में 18,780 मजदूर काम पर आए थे, लेकिन अगस्त में यह संख्या घटकर मात्र 8,974 रह गई है। यह गिरावट स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि योजना की योजनाबद्ध कार्यान्वयन प्रक्रिया में गंभीर खामियां हैं।

ऐतिहासिक संदर्भ और तुलना

पिछले वित्तीय वर्ष (2025-26) की तुलना में इस वर्ष की स्थिति काफी चिंताजनक है। पिछले वर्ष 18.15 लाख कार्य दिवसों का लक्ष्य था, जिसमें 80% प्रगति हासिल की गई थी। इसके विपरीत, इस वर्ष के पहले चार महीनों में केवल 15% प्रगति ही हो पाई है।

महीनाकुल घर (कार्य स्थल)मजदूरों की संख्या
जुलाई14,38618,780
अगस्त7,3048,974
क्या आप जानते हैं?: मनरेगा योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों के गारंटीकृत रोजगार की सुरक्षा प्रदान करना है।

Frequently Asked Questions

1. करीमनगर में काम कम होने का मुख्य कारण क्या है?
मुख्य कारणों में कर्मचारियों की हड़ताल, कृषि कार्यों की व्यस्तता और उचित प्रशासनिक निगरानी का अभाव शामिल है।

2. इस वर्ष का लक्ष्य क्या है?
वर्ष 2026-27 के लिए जिले में 15.20 लाख कार्य दिवसों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।