गुड़गांव के सुषांत लोक सोसाइटी में दो मिनट में 60 से अधिक गोलियों की बरसात हुई। व्यापारियों को डराने के लिए गैंगस्टर दीपक नंदल द्वारा भेजे गए पाँच हिटमेन में से चार मारे गए, एक को गंभीर चोट लगी।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • गुड़गांव के सुषांत लोक में 2 मिनट में 60 गोलियों की अद्भुत गोलीबारी
  • गैंगस्टर दीपक नंदल के आदेश पर 5 हिटमेन, जिनमें 17‑ वर्षीय जावेलिन धावक शामिल
  • पुलिस ने 30 अधिकारी तैनात कर 4 हिटमेन को मार गिराया, एक को अस्पताल में जीवन‑धारा पर

गुड़गांव, हरियाणा – 11 जुलाई को रात 9:50 बजे सुषांत लोक कॉलोनी के एक लैंग में एक घातक गोलीबारी छिड़ गई, जहाँ 60 से अधिक गोलियाँ दो मिनट में गूँजीं। यह घटना स्थानीय निवासियों को फिल्मी दृश्य जैसा महसूस करवा गई, जबकि पुलिस ने अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की।

पृष्ठभूमि और कारण

हैदराबाद‑आधारित गैंगस्टर दीपक नंदल ने 10 करोड़ रुपये की वसूली की मांग के तहत 36 वर्षीय व्यवसायी के घर को निशाना बनाया। नंदल ने पाँच हिटमेन को भेजा—इनमें दो किशोर, एक जावेलिन धावक और दो अनुभवी अपराधी—ताकि intimidation के साथ साथ पैसे भी दबाव में ले सकें। अपराध शाखा ने संभावित लक्ष्य की जानकारी के बाद कई दिनों से सुरक्षा तैनात कर रखी थी, जिससे इस धावा को रोकने की तैयारी पहले से ही मौजूद थी।

घटना का विवरण

हिटमेन ने काली टेप से ढकी स्कॉर्पियो को घर के रैंप पर पार्क किया और तुरंत ही बॉलियों की बरसात शुरू की। उन्होंने पड़ोस के कारों, बालकनी और पहली मंजिल की खिड़कियों को गोली मारते हुए, घर के भीतर मौजूद व्यवसायी की पत्नी, भाई और सासुराल के सदस्य को भी खतरे में डाल दिया। हालांकि, कोई गंभीर चोट नहीं आई, क्योंकि कई गोलियाँ दीवारों में ही ठोकर खा गईं।

पुलिस ने तुरंत तीन टीमों को तैनात किया, जो घर के तीन प्रवेश बिंदुओं को ब्लॉक कर रही थीं। लगभग 30 पुलिस अधिकारी, लम्बी दूरी के हथियारों से लैस, ने हिटमेन को घेर लिया। दो मिनट के भीतर, दोनों पक्षों ने लगभग 40‑50 गोलियाँ बारी‑बारी से चलाईं। अंत में चार हिटमेन मारे गए, जबकि पाँचवाँ गंभीर रूप से घायल हो कर मेदांता अस्पताल ले जाया गया। तीन पुलिसकर्मियों को भी गोली लगी, पर वे स्थिर स्थिति में रह सके।

पीड़ितों की पहचान

मारे गए हिटमेन की पहचान इस प्रकार हुई: दीपा (उपनाम संदीप), 35 वर्ष, फतेहाबाद निवासी (14 आपराधिक मामलों में शामिल); नितिन, 22 वर्ष; अंकित, 18 वर्ष; और 17‑ वर्षीय जावेलिन धावक, जो स्कूल की टीम का सदस्य था। पाँचवाँ हिटमेन शिवम (नुह से) को पैर और पेट में दो गोलियों की चोट लगी और वह अस्पताल में निगरानी में है।

प्रभाव और भविष्य की दिशा

यह घटना हरियाणा पुलिस के इतिहास में सबसे बड़ी एन्काउंटर में से एक मानी जा रही है। यह न केवल दिल्ली‑एनसीआर में बढ़ती वसूली की लहर को रौशन करती है, बल्कि शहर के उच्च वर्गीय क्षेत्रों में भी अपराधियों की हिम्मत को उजागर करती है। अधिकारियों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए इंटेलिजेंस‑ड्रिवेन पुलिसिंग को और सुदृढ़ किया जाएगा।