महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने पाकिस्तान के इंटेलिजेंस एजेंसी ISI से जुड़ी उग्रवादी सोशल‑मीडिया नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए 200 से अधिक संभावित सहयोगियों को निशाना बनाया। मुंबई, पुणे और रत्नागिरी सहित कई जिलों में बड़े पैमाने पर तलाशी और पूछताछ जारी है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- ATS ने 200+ संभावित ISI‑सम्बंधित सोशल‑मीडिया उपयोगकर्ताओं की पहचान की।
- ऑपरेशन में मुंबई, पुणे, रत्नागिरी सहित कई जिलों में तलाशी शामिल है।
- पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के निर्देशों के तहत भारतीय युवाओं को उग्रवादी विचारों में लिप्त किया जा रहा था।
महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने शुक्रवार को एक व्यापक राज्यव्यापी ऑपरेशन शुरू किया, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान की इंटेलिजेंस एजेंसी ISI से जुड़ी उग्रवादी भर्ती नेटवर्क को नष्ट करना है। इस अभियान में सामाजिक मीडिया प्लेटफ़ॉर्मों पर सक्रिय रहने वाले 200 से अधिक व्यक्तियों को पहचाना गया, जिन्होंने संभावित रूप से उग्रवादी सामग्री को लाइक, टिप्पणी या शेयर किया था।
ऑपरेशन का विवरण
ATS के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस साल के मई में किए गए समान कार्रवाई के बाद इस बार अधिक सटीक डेटा एकत्र किया गया। मुंबई, पुणे, रत्नागिरी और आसपास के कई जिलों में घरों और कार्यालयों पर छापा मारते हुए, अधिकारी ने संदिग्धों को सतर्क किया और उनके मोबाइल फ़ोन जब्त किए। इस प्रक्रिया में कम से कम चार पुणे के क्षेत्रों—चाकन, वार्जे और शिरूर—से जुड़े लोग भी पूछताछ के दायरे में आए, हालांकि उन पर अभी तक कोई FIR दर्ज नहीं हुई।
पृष्ठभूमि और अंतरराष्ट्रीय संदर्भ
पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी, अमजाल गुज्जर, अबित जाट, राणा हुसेन और अन्य कई नामों को ISI के निर्देशों के तहत भारतीय युवाओं को ऑनलाइन आकर्षित करने का आरोप है। यह नेटवर्क सामाजिक मीडिया का उपयोग करके उन युवाओं को लक्षित करता है जो राष्ट्रीय नीतियों या सरकारी कार्यों से असंतुष्ट होते हैं। दिल्ली पुलिस की विशेष सेल ने भी पिछले महीनों में गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब और जम्मू‑कश्मीर के कई लोगों को इस नेटवर्क से जोड़ते हुए गिरफ्तार किया था।
सुरक्षा पर संभावित प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे ऑनलाइन उग्रवादी नेटवर्क से छोटे‑छोटे अपराधों की शुरुआत होती है, जो धीरे‑धीरे बड़े आतंकवादी हमलों में बदल सकते हैं। इस साल के मार्च में जालंधर में एक यूट्यूबर के घर के पास हुए ग्रेनेड हमले का भी आरोप भट्टी पर लगा है। यदि ऐसी गतिविधियों को रोका नहीं गया, तो सीमा क्षेत्रों में ड्रोन द्वारा हथियार और ड्रग्स का परिवहन, साथ ही धार्मिक और सैन्य स्थलों पर संभावित हमले जैसी गंभीर सुरक्षा चुनौतियाँ उत्पन्न हो सकती हैं।
भविष्य की दिशा
ATS ने बताया कि अगले कुछ दिनों में और भी छापे जारी रहेंगे, ताकि किसी भी संभावित ISI‑सम्बंधित सहयोगी को रोका जा सके। इस कदम को राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों ने भारत के डिजिटल क्षेत्र में विदेशी हस्तक्षेप को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना है।