बेंगलुरु के एक अपार्टमेंट में 22‑वर्षीय डिलीवरी कार्यकर्ता ने जबरन प्रवेश कर महिला को लिंग दिखाकर आपराधिक दायित्व का सामना किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार किया।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • 22‑वर्षीय फ़्लिपकार्ट डिलिवरी कार्यकर्ता को जबरन प्रवेश और शारीरिक उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
  • घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिससे पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की।
  • ब्यौरतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75, 79 और 329(2) के तहत मामला दर्ज किया गया।

बेंगलुरु, 12 जुलाई 2026 – माराठाहली के मुन्नेकोला इलाके में एक महिला ने अपने अपार्टमेंट में डिलीवरी बॉय द्वारा जबरन प्रवेश के बाद लिंग दिखाने की घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया। यह वीडियो ऑनलाइन साझा किया जाने पर पुलिस ने तुरंत मामले को नोट किया और आरोपी को गिरफ्तार किया।

घटना की विस्तृत जानकारी

डिलीवरी कार्यकर्ता विजय मल्लीकार्जुन कामत, 22 वर्ष का, ने अपना ऑर्डर पहुँचाने के दौरान महिला के अपार्टमेंट के बाथरूम का उपयोग करने की मांग की। बाथरूम से बाहर आते ही उसने महिला को लिंग दिखाया, जिससे महिला ने तुरंत वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया।

कानूनी कार्रवाई और दर्ज किए गए धारा

महिला ने पुलिस में अपनी शिकायत दर्ज कराते ही, माराठाहली पुलिस स्टेशन ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75 (यौन उत्पीड़न), धारा 79 (उचित कारणों के बिना सार्वजनिक स्थान में अनुचित व्यवहार) और धारा 329(2) (यौन उत्पीड़न के दंड) के तहत मामला दर्ज किया। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस, सैदुलु अद्वैत ने कहा, “विजय कामत को गिरफ्तार किया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।”

डिजिटल डिलीवरी सेवाओं में सुरक्षा की जरूरत

यह घटना ई‑कॉमर्स कंपनियों में सुरक्षा प्रोटोकॉल की कमी को उजागर करती है। डिलीवरी कर्मियों को ग्राहक के निजी स्थान में प्रवेश के दौरान स्पष्ट दिशानिर्देशों और निगरानी की आवश्यकता है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे गंभीर मामलों को रोकने के लिए कंपनियों को रियल‑टाइम मॉनिटरिंग, प्रशिक्षण और कड़े पृष्ठभूमि जांच को अनिवार्य करना चाहिए।

समाज में व्यापक प्रभाव

सामाजिक दृष्टिकोण से, इस प्रकार के मामलों में पीड़ित महिला को अक्सर डर और शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है। सोशल मीडिया पर वीडियो का वायरल होना न केवल न्याय प्रक्रिया को तेज करता है, बल्कि सार्वजनिक जागरूकता भी बढ़ाता है। इस घटना ने महिलाओं के अधिकारों और डिलीवरी कार्यकर्ताओं के पेशेवर व्यवहार पर राष्ट्रीय चर्चा को प्रज्वलित किया है।