सिवगंगा जिले की पुलिस ने 3 किलोग्राम मेथाम्फ़ेटामाइन बरामद कर 4 संदिग्धों को हिरासत में लिया। यह नशा माल मलेशिया को भेजने की तैयारी में था, जिसकी क़ीमत काली बाजार में लगभग ₹15 करोड़ बताई गई है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- 3 किलोग्राम मेथाम्फ़ेटामाइन बरामद
- ₹15 करोड़ क़ीमत
- 4 आरोपी हिरासत में
सिवगंगा जिला पुलिस ने रविवार को एक विशेष ऑपरेशन में तीन किलोग्राम मेथाम्फ़ेटामाइन जब्त किया, जो काली बाजार में लगभग ₹15 करोड़ की कीमत का था। इस बड़े पैमाने के नशा पदार्थ को मलेशिया भेजने की योजना थी, लेकिन अंत में सिवगंगा में ही पकड़ा गया।
ऑपरेशन की पृष्ठभूमि
सिवगंगा के सुपरिंटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (एसपी) शिवा प्रसाद ने बताया कि एक गुप्त सूचना के आधार पर विशेष टीम ने तीन दिनों तक संदिग्धों का अनुसरण किया। अंततः, एक गोदाम में नशा पदार्थ को सुरक्षित किया गया और चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। प्रयोगशाला में परीक्षण के बाद पदार्थ को मेथाम्फ़ेटामाइन के रूप में पुष्टि की गई।
गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान
हिरासत में लिये गए चार आरोपियों के नाम हैं: रासूल धीन (35), अबू उर्फ़ सगुबर सदीक (26), मोहम्मद हफीज़ (28) और मोहम्मद रफ़ीक उर्फ़ बाबू (30)। तीन आरोपियों को “कुरुवी” के रूप में जाना जाता है, जो आठ‑नौ साल से तस्करी, सोने और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के व्यापार में सक्रिय हैं।
तस्करी योजना और आंतरिक विवाद
जाँच के दौरान पता चला कि गैंग ने नशा पदार्थ को चेन्नई से बेंगलुरु तक सड़क मार्ग से ले जाने की योजना बनाई थी, फिर मलेशिया भेजने के लिए सिवगंगा में लाने का इरादा था। लेकिन समूह के भीतर माल के बंटवारे को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया, जिससे योजना विफल रही और अंततः ऑपरेशन में पकड़े गए।
जांच की वर्तमान स्थिति
जाँच में तीन मोबाइल फोन, एक दोपहिया वाहन और ₹3,000 की नकद राशि भी बरामद हुई। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नशा कहाँ से आया और मलेशिया में किसे पहुंचाने वाला था, लेकिन इस पर आगे की जांच जारी है। मामला नशा नियंत्रण कानून (एनडीपीएस अधिनियम) के तहत दर्ज किया गया है और सभी चार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया।