ऑटो नगर में एक निजी बस से 41 किलोग्राम गांजा जब्त करने के बाद, मलकांगिरी नशीले पदार्थ पुलिस ने तीन बस कर्मियों को गिरफ्तार किया। यह ईगल फोर्स की दो महीने में तीसरी सफल दवा तस्करी रोकथाम है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • 41.01 किग्रा गांजा, अनुमानित मूल्य ₹20.5 लाख
  • तीन बस कर्मी (सहायक, ड्राइवर, कंडक्टर) को गिरफ्तार
  • पिछले दो महीनों में दवा तस्करी के खिलाफ ईगल फोर्स की तीसरी कार्रवाई

हैदराबाद के ऑटो नगर में स्थित महावीर हरिणा वनस्थली राष्ट्रीय उद्यान के पास एक निजी यात्रा बस में 41.01 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया, जिससे तीन बस कर्मियों को हिरासत में लिया गया। इस घटना में मलकांगिरी नशा नियंत्रण पुलिस और खम्मम स्थित रीजनल नशा नियंत्रण सेल (RNCC) के सहयोगी ईगल फोर्स ने कार्रवाई की।

घटना की विस्तृत जानकारी

जुलाई 11 को मिली विशेष खुफिया सूचना के आधार पर, मलकांगिरी नशा नियंत्रण पुलिस ने बबा भोलेनाथ निजी यात्रा बस को रोक कर दो बड़े बैगों में छिपे ड्रग्स को बरामद किया। गांजा ओडिशा से लाया गया था और हैदराबाद में एक अज्ञात संपर्क को सौंपने का इरादा था।

गिरफ्तार हुए तीन कर्मी

पुलिस ने तीन व्यक्तियों की पहचान की: लक्ष्मण कुरामी (22 वर्ष, बेजागुडा, मलकांगिरी), कोमला खिल (32 वर्ष, कोरापुट) जो बस चालक थे, और बुबु मधाकामी (33 वर्ष, मोटु, मलकांगिरी) जो कंडक्टर थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने ओडिशा के एक सहयोगी के साथ मिलकर इस डिल को पूरा किया, जिसके बदले में उन्हें कमीशन मिला।

पड़ताल और कानूनी कार्रवाई

जांच में पता चला कि डीलर नुबिन (मलकांगिरी) और हैदराबाद में एक अनजाना प्राप्तकर्ता अभी फरार हैं। पुलिस ने बस (रजिस्ट्रेशन नंबर OD 30 H 2277) और चार मोबाइल फोन भी बरामद किए। इस मामले में एक FIR दर्ज की गई है और अभियोजन की प्रक्रिया चल रही है।

पिछले मामलों से तुलना

यह घटना ईगल फोर्स द्वारा दो महीने पहले किए गए इसी तरह के एक बड़े ऑपरेशन के बाद आती है, जिसमें बैंकेश्वरी ट्रैवल्स नामक निजी बस को रोक कर 21 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया था। उस मामले में भी दो ड्राइवर, एक कंडक्टर और एक सहायक को गिरफ्तार किया गया था। इस प्रकार, निजी बसों का दवा तस्करी में उपयोग एक गंभीर चुनौती बन चुका है, जिसके विरुद्ध सुरक्षा एजेंसियों को लगातार सक्रिय रहना पड़ रहा है।