पुणे के ससवाड़‑जेझुड़ी रोड पर पंकहिंदी वारि के दौरान एक ट्रक ने सात महिला वार्करीयों को टक्कर मार दी। तीन की मौत और चार को गंभीर चोटें आईं, जबकि चालक को स्वास्थ्य समस्याओं का संदेह है। राज्य सरकार ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद का वादा किया है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- आशा धी वारि में ट्रक टकराव से 3 महिला तीर्थयात्री मारी
- 4 अन्य तीर्थयात्री गंभीर रूप से घायल
- ड्राइवर 70 वर्ष के, स्वास्थ्य कारणों से अस्थिर
पुणे के पुर्नदार तालुका में स्थित ससवाड़‑जेझुड़ी रोड पर, सुबह 8.30 बजे लगभग, पंकहिंदी वारि के साथ चल रहे एक ट्रक ने सात महिला वार्करीयों को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में नंदा पवार (60), माधवी राजाराम सालगरे (55) और राजश्री शंकर भोसले (55) सहित दो अन्य महिलाएं भी मारी गईं, जबकि चार अन्य को गंभीर चोटें आईं।
आशा धी वारि का महत्व और पंकहिंदी वारि
आशा धी वारि महाराष्ट्र की सबसे बड़ी आध्यात्मिक यात्रा है, जहाँ लाखों वार्करी हर साल पंकहिंदी (पिंड) से जेज़ुड़ी तक पंकहिंदी पालखी के साथ यात्रा करते हैं। इस यात्रा में श्रद्धालु प्रतिदिन 20‑30 किलोमीटर चलते हैं, और सैकड़ों वाहन इस प्रक्रिया का समर्थन करते हैं। इस साल भी, वारि के मध्य में ससवाड़‑जेझुड़ी रोड पर ट्रैफ़िक को दो लेन में विभाजित किया गया था—एक लेन वाहनों के लिए और दूसरी पैदल यात्रियों के लिए।
दुर्घटना के कारण और चालक की स्थिति
पुणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार, ट्रक का चालक 70 वर्ष का एक वरिष्ठ नागरिक था, जो बुखार और सर्दी के कारण दवाइयाँ ले रहा था। जब वह किसी अन्य वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था, तो अचानक बाएं मुड़ गया और महिला समूह को धक्का दिया। प्रारम्भिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि चालक की स्वास्थ्य स्थिति ने उसकी प्रतिक्रिया समय को प्रभावित किया हो सकता है।
सरकारी प्रतिक्रिया और सहायता
मुख्य मंत्री देवेंद्र फडनवीस ने घटना को "हृदय विदारक" कहा और मृतकों के परिवारों को प्रत्येक को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने का वादा किया। उपमुख्य मंत्री सुनेत्रा पवार ने भी जेज़ुड़ी के अस्पताल में घायल महिलाओं से मुलाकात की और उनका उपचार मुफ्त में जारी रखने की घोषणा की। स्वास्थ्य विभाग ने घायल यात्रियों को महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना के तहत मुफ्त उपचार दिया।
जाँच और भविष्य की दिशा
पुलिस ने दुर्घटना स्थल की सुरक्षा, ड्राइवर की मेडिकल रिपोर्ट और ट्रैफ़िक प्रबंधन की व्यापक जांच शुरू कर दी है। यदि चालक की स्वास्थ्य स्थिति या ओवरटेकिंग के दौरान लापरवाही सिद्ध हुई, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने वारि के दौरान ट्रैफ़िक सुरक्षा को लेकर नई चेतावनी दी है, जिससे भविष्य में अधिक सख्त नियम लागू किए जा सकते हैं।