कर्नाटक के हाई कोर्ट ने 2014 की बाल यौन शोषण मामले में 12 साल की देरी को ‘गहरी चिंता’ के रूप में उजागर किया। कोर्ट ने विशेष फास्ट‑ट्रैक कोर्ट को आठ हफ्तों में मुकदमा समाप्त करने का आदेश दिया।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • 2014 की POCSO केस में 12 साल की अनिश्चित देरी
  • हाई कोर्ट ने फास्ट‑ट्रैक कोर्ट को 8 हफ्तों में मुकदमा समाप्त करने का निर्देश
  • स्थगन की संस्कृति से बाल पीड़ितों को निरंतर आघात

कर्नाटक हाई कोर्ट ने ‘स्थगन संस्कृति’ की कड़ी निंदा की— एक 2014 के केस में, जहाँ एक छह साल की लड़की पर स्कूल में यौन शोषण का आरोप था, मुकदमा अब तक 12 साल से भी अधिक समय से लटकता हुआ है। न्यायालय ने कहा कि यह देरी केवल प्रक्रिया में बाधा नहीं, बल्कि पीड़ित बच्चे के जीवन में निरंतर आघात का कारण बन रही है।

पृष्ठभूमि और कानूनी ढांचा

2012 का Protection of Children from Sexual Offences (POCSO) Act स्पष्ट रूप से यह निर्धारित करता है कि ऐसे मामलों की सुनवाई एक वर्ष के भीतर पूरी होनी चाहिए, ताकि पीड़ित को न्यायिक प्रक्रिया के लंबे खिंचाव से बचाया जा सके। इस आदेश के बावजूद, कई मामलों में फास्ट‑ट्रैक विशेष अदालतों में बार‑बार स्थगन होते रहे हैं, जिससे न्याय प्रणाली की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठते हैं।

हाई कोर्ट का आदेश

न्यायमूर्ति एम. नागाप्रसन्न ने 2024 में पीड़ित के पिता द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए कहा कि POCSO अधिनियम में Section 164 के तहत रिकॉर्ड किए गए बयान पर बच्चे या जज के हस्ताक्षर अनिवार्य नहीं हैं। साथ ही, उन्होंने बेंगलुरु ग्रामीण फास्ट‑ट्रैक विशेष अदालत (FTSC‑II) को स्पष्ट निर्देश दिया कि वह इस केस को अगले आठ हफ्तों में समाप्त करे।

स्थगन की संस्कृति के दुष्परिणाम

कोर्ट ने कहा, “हर अनावश्यक स्थगन न केवल सुनवाई को टालता है, बल्कि पीड़ित बच्चे के आघात को दोहराता है।” यह निष्कर्ष दर्शाता है कि न्यायिक विलंब केवल प्रक्रिया संबंधी त्रुटि नहीं, बल्कि एक सतत अन्याय है, जो पीड़ित के मानसिक स्वास्थ्य को और अधिक क्षति पहुंचाता है।

भविष्य की दिशा

हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि न्यायिक प्रक्रिया को तेज़, पारदर्शी और पीड़ित‑केंद्रित होना चाहिए। यदि अदालतें इस आदेश का पालन नहीं करतीं, तो उन्हें कानूनी जवाबदेही का सामना करना पड़ेगा। इस दिशा में सुधार न केवल पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाएगा, बल्कि सार्वजनिक भरोसे को भी पुनः स्थापित करेगा।