रंगारेड्डी के शाबद मंडल में छह लोगों की हत्या का आरोपी स्वयं को हर्बीसाइड से मार कर समाप्त कर दिया। पुलिस ने उसकी लाश के साथ एक वीडियो पाया, जिसमें उसने अपने इरादे और परिवार के साथ हुए झगड़े का जिक्र किया।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- शाबद के सात हत्यारे का शरीर 63 घंटे बाद मिला
- उसके मोबाइल में हत्या की योजना का वीडियो दर्ज
- पुलिस ने हर्बीसाइड सेवन को संभावित कारण बताया
रंगारेड्डी जिले के शाबद मंडल में शुक्रवार रात को छह लोगों की घृणित हत्या के बाद, मुख्य संदिग्ध नवीन कुमार ने स्वयं को हर्बीसाइड पीकर मार डाल दिया। यह घटना तेलंगाना पुलिस के लिये 13 टीमों की तीव्र खोज का केंद्र रही, जो अंततः लगभग 63 घंटे बाद पेंजरला गांव के दूरस्थ इलाके में समाप्त हुई।
शरीर की खोज और शुरुआती जाँच
एक स्थानीय निवासी ने दोपहर लगभग 3 बजे डायल 100 पर पुलिस को सूचना दी, जब उसने एक अलग-थलग जगह पर लाश देखी। पहचान और现场 से प्राप्त साक्ष्य के आधार पर, पुलिस ने पुष्टि की कि वह मृत शरीर ही हत्या का आरोपी था। भविष्य सिटी पुलिस कमिश्नर तरुण जोशी ने बताया कि शरीर के साथ कई वस्तुएँ बरामद की गईं, जिनमें एक लीटर हर्बीसाइड की बोतल, 1,206 रुपये की नकद, और कई बस टिकट शामिल थे।
वीडियो में कबूलियात
जांचकर्ताओं ने मृतक के मोबाइल फोन से एक वीडियो भी प्राप्त किया, जो 4:55 बजे रिकॉर्ड किया गया था। वीडियो में वह अपने पिता से बात करते हुए कहता है कि वह “सब चीज़ों से थक गया है” और “सबको मार कर स्वयं को मार लेगा”। वह एक छोटी लड़की, उसकी माँ और दादी को मारने की योजना बनाता है, फिर अपनी पत्नी और दो छोटे बच्चों को मारने का इरादा बताता है। इस वीडियो को अभी प्रमाणित किया जाना बाकी है, पर पुलिस ने कहा कि इसकी सामग्री आगे की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
हत्या के क्रम और कानूनी पृष्ठभूमि
हत्या के क्रम में, आरोपी ने पहले एक नाबालिग लड़की को मार डाला, जिसने पहले ही पीडित के खिलाफ बाल संरक्षण अधिनियम (PoCSO) के तहत शिकायत दर्ज करवाई थी। उसके बाद उसने लड़की की माँ और दादी को भी मार डाला, फिर घर लौटकर अपनी पत्नी सरीता और दो छोटे बच्चों (चार वर्ष और डेढ़ वर्ष) की हत्या कर ली। इस पहले केस के जांच अधिकारी को सस्पेंशन में रखा गया है।
भविष्य की प्रक्रिया
पोस्ट‑मार्टेम रिपोर्ट से मृत्यु का सटीक कारण पता चलेगा, जबकि मोबाइल फोन, वीडियो और हर्बीसाइड बोतल की फोरेंसिक जांच जारी है। पुलिस ने कहा कि वीडियो में किए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच की जाएगी, ताकि कोई भी वैध तथ्य सामने आ सके।
यह घटना तेलंगाना में बढ़ते अपराध और न्यायिक प्रक्रिया की दक्षता पर सवाल उठाती है, साथ ही पीड़ितों के अधिकारों की सुरक्षा की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।