एनआईए द्वारा आतंकी साजिश के मामले में गिरफ्तार अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक ने तिहाड़ जेल के खाने को लेकर अदालत में याचिका दायर की है।

नई दिल्ली स्थित पटियाला हाउस कोर्ट में एक बेहद असामान्य मामला सामने आया है। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) द्वारा कथित आतंकी साजिश के आरोप में गिरफ्तार किए गए अमेरिकी नागरिक, मैथ्यू आरोन वैनडाइक ने जेल के खाने को लेकर अदालत से विशेष राहत की मांग की है। वैनडाइक का तर्क है कि तिहाड़ जेल में परोसा जाने वाला भोजन अत्यधिक मसालेदार, तैलीय और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

भूख हड़ताल और स्वास्थ्य का हवाला

अदालत में दायर याचिका के अनुसार, वैनडाइक ने दावा किया है कि वह पिछले 50 दिनों से अधिक समय से भूख हड़ताल पर हैं। उनका कहना है कि भारतीय जेलों में मिलने वाला आहार उनकी जीवनशैली और स्वाद के अनुकूल नहीं है, जिसके कारण उन्हें 'गंभीर शारीरिक परेशानी' हो रही है। याचिका में यह भी कहा गया है कि उचित पोषण न मिलने के कारण उनका वजन लगभग 14 किलोग्राम कम हो गया है और उनकी दृष्टि (vision) और रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी बुरा असर पड़ा है।

क्या है वैनडाइक की मांग?

वैनडाइक ने अदालत से अनुरोध किया है कि उन्हें जेल के भीतर अपना भोजन स्वयं पकाने की अनुमति दी जाए। उन्होंने अपनी मांग में पास्ता, झींगा (shrimp), रेड मीट, चिकन, नूडल्स, जैतून का तेल (olive oil) और बोतलबंद पानी जैसे खाद्य पदार्थों की सूची शामिल की है। इसके साथ ही, उन्होंने खाना बनाने के लिए इंडक्शन कुकर, बर्तन और प्लास्टिक चॉपर जैसे उपकरण इस्तेमाल करने की भी अनुमति मांगी है। उनके वकील ने स्पष्ट किया है कि इन सभी सामग्रियों का खर्च वैनडाइक का परिवार ही उठाएगा।

आतंकी साजिश और गिरफ्तारी का मामला

गौरतलब है कि वैनडाइक को मार्च में कोलकाता हवाई अड्डे से एनआईए ने छह यूक्रेनी नागरिकों के साथ गिरफ्तार किया था। एजेंसी का आरोप है कि ये लोग भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों की साजिश रच रहे थे और प्रतिबंधित उग्रवादी समूहों को हथियार और ड्रोन जैसी सामग्री उपलब्ध कराने में शामिल थे। उन पर यूएपीए (UAPA) के तहत गंभीर मामले दर्ज हैं। फिलहाल, अदालत ने तिहाड़ जेल प्रशासन से इस मामले पर जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 21 जुलाई को तय की है।