भारतीय खाद्य एवं सुरक्षा मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने ओल्ड मंक, रॉयल चैलेंज, बॅगपायपर और एंटिक्विटी ब्लू के कुछ बैचों पर कृत्रिम फ्लेवर उपयोग के कारण प्रतिबंध लगा दिया। इस कदम से शराब प्रेमियों और उद्योग दोनों को बड़ा झटका लगा है।
मुख्य बिंदु
- FSSAI ने ओल्ड मंक सहित 3 प्रमुख शराब ब्रांडों के कुछ बैचों पर प्रतिबंध लगाया
- कृत्रिम फ्लेवर के प्रयोग को प्राकृतिक उत्पादन नियमों के उल्लंघन के रूप में माना गया
- बाजार में बड़े आर्थिक नुकसान और उपभोक्ता असंतोष की संभावना
फूड सेक्योरिटी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने हालिया जांच में पाया कि ओल्ड मंक, रॉयल चैलेंज, बॅगपायपर और एंटिक्विटी ब्लू के कुछ उत्पादों में कृत्रिम फ्लेवर मिलाया गया था, जो भारतीय शराब उत्पादन के नियमों के विरुद्ध है। इन ब्रांडों के मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के विशिष्ट प्लांटों से निकाले गए बैचों को अब बिक्री पर प्रतिबंध है।
नियमों के अनुसार, शराब को प्राकृतिक घटकों—जैसे मॉल्ट, जौ या अंगूर—से बनाकर उचित समय तक पुराना होना चाहिए। प्रयोगशाला जांच में पता चला कि कंपनियों ने तेज़ी से फ्लेवर जोड़कर उत्पादों को “पुराना” दिखाने की कोशिश की, जिससे FSSAI ने तुरंत कार्रवाई की।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
ओल्ड मंक 1954 में लॉन्च हुआ और दशकों से भारत के सबसे लोकप्रिय रम ब्रांडों में गिना जाता है। इसकी किफ़ायती कीमत और विशिष्ट स्वाद ने मध्यम वर्ग के बीच इसे अनिवार्य बना दिया, जबकि रॉयल चैलेंज और बॅगपायपर ने भी अपने-अपने बाजार हिस्से में मजबूत पकड़ बनाई। अब इस प्रतिबंध से इन ब्रांडों की बिक्री में भारी गिरावट आने की संभावना है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the crackdown could trigger stricter compliance across the entire Indian spirits sector, forcing manufacturers to invest in genuine aging processes rather than shortcuts. This shift may reshape pricing, supply chains, and consumer trust for years to come.
"कृत्रिम फ्लेवर का उपयोग न केवल नियम तोड़ता है, बल्कि उपभोक्ता के स्वास्थ्य और स्वाद की अपेक्षा को भी धोखा देता है," कहा उद्योग विशेषज्ञ आर.नायडू ने।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या सभी ओल्ड मंक की बोतलें बंद हो जाएँगी?
उत्तर: नहीं, प्रतिबंध केवल मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के निर्दिष्ट प्लांटों से निकले विशिष्ट बैचों पर लागू है।
प्रश्न 2: उपभोक्ताओं को क्या विकल्प मिलेंगे?
उत्तर: वे वही पुराने ब्रांडों के वैध बैच खरीद सकते हैं या अन्य प्रमाणित भारतीय रम और व्हिस्की ब्रांड्स को चुन सकते हैं।