कांग्रेस अध्यक्ष मलिकरजुन खड़गे ने एआईसीसी के तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल इंचार्ज में बदलाव किए। गुलाम अहमद मीर तमिलनाडु के इंचार्ज बने, जबकि प्रकाश जोशी को पश्चिम बंगाल का कार्यभार सौंपा गया।
कांग्रेस अध्यक्ष मलिकरजुन खड़गे ने बुधवार, 8 जुलाई 2026 को पार्टी की निरंतर संगठनात्मक पुनर्गठन के हिस्से के रूप में तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के नए एआईसीसी इंचार्ज की घोषणा की। यह कदम पार्टी के राष्ट्रीय स्तर पर रणनीतिक पुनर्संयोजन को दर्शाता है, जहाँ विभिन्न राज्य इकाइयों में प्रभावी नेतृत्व स्थापित करने की कोशिश की जा रही है।
नए इंचार्ज की नियुक्ति
एआईसीसी जनरल सेक्रेटरी (ऑर्गेनाइज़ेशन) के.सी. वेंगुपल के बयान के अनुसार, गुलाम अहमद मीर अब तमिलनाडु के एआईसीसी जनरल सेक्रेटरी इंचार्ज बनेंगे, जहाँ से वे गिरीश चोडांकर को प्रतिस्थापित करेंगे। मीर पहले पश्चिम बंगाल के इंचार्ज थे, और उनका राजनीतिक अनुभव दक्षिण भारत में कांग्रेस को पुनर्जीवित करने के लिए महत्वपूर्ण माना गया है।
प्रकाश जोशी का पश्चिम बंगाल में कार्यभार
पश्चिम बंगाल के इंचार्ज पद पर प्रकाश जोशी को नियुक्त किया गया है। जोशी ने पहले उत्तर प्रदेश में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, और अब वे बंगाल में कांग्रेस के पुनरुद्भव की दिशा में प्रमुख जिम्मेदारी संभालेंगे। इस बदलाव से पार्टी को राज्य स्तर पर नई ऊर्जा और रणनीतिक दृष्टिकोण मिलने की उम्मीद है।
पिछले पुनर्गठन का संदर्भ
6 जून को कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश, ओडिशा और हरियाणा के एआईसीसी इंचार्ज में भी बदलाव किए थे। राजेंद्र पाल गौतम को उत्तर प्रदेश, लालजी देसाई को ओडिशा और संजय दत्त को हरियाणा का कार्यभार सौंपा गया। साथ ही, बी.के. हरिप्रसाद को कर्नाटक कांग्रेस के प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया, जिससे पार्टी के राष्ट्रीय स्तर पर एक व्यापक पुनर्संतुलन स्पष्ट होता है।
भविष्य की चुनौतियां और संभावित प्रभाव
इन नियुक्तियों का मुख्य उद्देश्य कांग्रेस को राज्य-स्तर पर एकजुट और प्रभावी मंच प्रदान करना है, ताकि आगामी विधानसभा चुनावों में प्रतिस्पर्धी स्थिति हासिल की जा सके। तमिलनाडु में द्रविड़ मोडर्न पार्टी (डीएमके) और पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) जैसी मजबूत प्रतिस्पर्धा को देखते हुए, नई इंचार्ज टीम को गठबंधन निर्माण, grassroots स्तर पर संगठनात्मक मजबूत बनाना और युवा वोटर्स को आकर्षित करने की आवश्यकता होगी। पार्टी के अंदरूनी विश्लेषकों का मानना है कि यदि मीर और जोशी अपने-अपने राज्यों में स्थानीय मुद्दों को समझते हुए रणनीतिक गठजोड़ करते हैं, तो कांग्रेस के पुनरुत्थान की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
समग्र रूप से, यह पुनर्गठन कांग्रेस की राष्ट्रीय स्तर पर पुनरुत्थान की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है, जहाँ अनुभवी नेताओं को रणनीतिक क्षेत्रों में स्थापित करके पार्टी को नई ऊर्जा प्रदान की जाएगी।